Jaipur News: जोधपुर केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत रविवार को जोधपुर प्रवास पर अपने निजी आवास पर आमजन एवं फरियादियों से मुलाकात की.
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Jaipur News: जोधपुर केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत रविवार को जोधपुर प्रवास पर अपने निजी आवास पर आमजन एवं फरियादियों से मुलाकात की. महाराणा प्रताप की 485 जयंति पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के ऐतहासिक स्थानों पर भ्रामक शिलालेख लगाने और गलत इतिहास बताने की कोशिश के बयान के बाद अब केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने इस पर बयान दिया है.
उन्होंने कहा है कि किसी भी समाज और राष्ट्र के लिखे हुए इतिहास पर निरन्तर शोध होना चाहिए. यह दुर्भाग्य पूर्ण है कि भारत का इतिहास पहले ऐसे लोगो ने गुलामी के कालखंड में सत्ता के अधीन अपने लालच एवं लोभ में उन्होंने इतिहास को तोडा मरोड़ और उसके बाद अंग्रेजों के शासन काल और आजाद भारत में कुछ लोगों ने विकृत्त मानसिकता के चलते भारत के इतिहास के साथ खिलवाड किया. इतिहास के क्षेत्र में अध्ययन व शोध करने वाले लोंगो को इस विषय पर ठीक से विचार करना चाहिए.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप पराजीत हुए ऐसा इतिहास में विकृत्त मानसिकता वाले लोगो ने लिखने का षडयंत्र किया. दिवेर का युद्ध जिसमें स्पष्ट रूप से मेवाड़ की सेनाए विजय हुई थी. उसे इतिहास के पन्नों से मिटा दिया. ऐसे अनेक उदाहरण जिसमें इतिहास के तथ्यों के साथ छेडछाड की गई. शोध करने वाले लोगो को ऐसे विषय पर शोध करने की आवश्यकता है. ताकि सही तथ्य सामने आए ताकि लोग प्रेरणा ले सके.
भाजपा के राष्ट्रीय जेपी नड्डा के दौरे पर विपक्ष के बयानों पर पलट वार करते हुए केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि विपक्ष का काम आरोप लगाने का है. भाजपा की डबल इंजन की सरकार परिवर्तन लाने के दिशा में कार्य कर रहा है जो हमने वादे किए थे उन वादों पर हम खरे उतरे.
अहिल्या बाई होल्कर की जयंति पर बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई ने जिस तरह से महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक विकास के लिए कार्य किया. जब न्याय करने का समय आया तो अपने पुत्र को भी अलग नहीं रखा. वर्तमान समय में हमारा देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में उनसे प्रेरणा लेना और भी प्रांसगिक है. क्योंकि पिछले कई दशको तक आजादी के बाद ऐसे राष्ट्र नायकों को इतिहास के पन्नों में दबा दिया गया था. ऐसे सारे राष्ट्र नायकों को आने वाली पीढिया उनसे प्रेरणा ले सके इसीलिए देशभर में ऐसे कार्यक्रम लोक माता अहिल्या बाई की स्मृति में आयोजित किए जा रहे है.