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Jaipur News: जयपुर एसआई भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सुरक्षाकर्मी हेड कॉन्स्टेबल राजकुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है. राजकुमार ने आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के नजदीकी शिक्षक कुंदन पांड्या से डेढ़ लाख में पेपर खरीदा और अपने साथी सत्येंद्र को 6 लाख में बेच दिया. सत्येंद्र और राजकुमार के बेटे भरत ने पेपर पढ़कर परीक्षा पास की, जबकि एक अन्य आरोपी रविंद्र अभी फरार है.
एसओजी ने किया बड़ा खुलासा
राजस्थान पुलिस के एसओजी ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है. गिरफ्तार हेड कॉन्स्टेबल राजकुमार यादव और उनके बेटे भरत ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने उदयपुर के कुंदन पांड्या से डेढ़ लाख रुपये में पेपर खरीदा था. राजकुमार और कुंदन का पुराना संबंध था, जब राजकुमार मंत्री महेंद्रजीत मालवीय के पीएसओ थे और कुंदन मंत्री के क्षेत्र में लाइजनिंग का काम करता था. इस संबंध का फायदा उठाकर कुंदन ने राजकुमार को लीक पेपर उपलब्ध कराया था.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अपनी सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव की गिरफ्तारी पर बयान दिया है. गहलोत ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और उन्हें उम्मीद है कि एसओजी बिना किसी दबाव के इस मामले की जांच करेगी. राजकुमार यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए पेपर खरीदा था और इसे अन्य उम्मीदवारों को बेचकर मुनाफा कमाया. इस मामले में अब तक 120 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 54 सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं. गहलोत के बयान के बाद, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत को पहले अपना घर संभालना चाहिए, क्योंकि उनकी पार्टी में ही अंतर्कलह है.
मीडिया के माध्यम से जानकारी में आया है कि मेरी सुरक्षा में तैनात जयपुर पुलिस लाइन के एक हेड कांस्टेबल एवं उनके पुत्र को SOG ने हिरासत में लिया है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 9, 2025
किसी भी व्यक्ति की अपराध में कोई संलिप्तता हो तो कानून अपना काम करे। मुझे आशा है कि SOG बिना किसी दबाव के इस मामले की जांच कर एक…
राजकुमार ने अपने बेटे भरत यादव के लिए एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन उसने इसे अपने साथी सत्येंद्र सिंह यादव और पड़ोसी रविंद्र सैनी को 6 लाख रुपये में बेच दिया. इस तरह उसने 4.50 लाख रुपये का मुनाफा कमाया. हालांकि, उसके बेटे भरत ने लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद शारीरिक दक्षता परीक्षा में फेल हो गया, जबकि जिन दो लोगों को उसने पेपर बेचा था, वे दोनों एसआई बन गए.
एसआई भर्ती परीक्षा में सत्येंद्र सिंह यादव ने मेरिट में 12वीं रैंक और रविंद्र सैनी ने 156वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन यह सफलता अवैध तरीके से मिली थी. सत्येंद्र को एसओजी ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, और उसी से पूछताछ के बाद राजकुमार का नाम सामने आया. रविंद्र सैनी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में एसओजी ने टीमें लगाई हुई हैं. इस मामले में अब तक 54 सब-इंस्पेक्टर सहित कुल 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एसओजी की कार्रवाई से साफ है कि इस मामले में अभी और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं.
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