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Jaipur News: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में अब ट्रैफिक पुलिस हाईटेक संसाधनों को उपयोग में लेगी. जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती करने के लिए यह कवायद की जा रही है. इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग से संसाधनों की मांग की है.
जयपुर शहर की यातायात पुलिस अब हाईटेक अवतार में नजर आएगी. डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और ट्रैफिक नियमों की पालना सख्ती से कराने को लेकर तैयारी की है. इसके लिए उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को अत्याधुनिक संसाधनों से मजबूत करने की मांग उठाई है. इसे लेकर मेहरड़ा ने परिवहन विभाग की सचिव शुचि त्यागी को पत्र लिखा है और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है. दरअसल ट्रैफिक पुलिस को जरूरी संसाधन परिवहन विभाग से ही मुहैया कराए जाते हैं.
ट्रैफिक पुलिस ने तेज गति से चलने वाले वाहनों पर रोक के लिए नए इंटरसेप्टर वाहनों की मांग उठाई है. ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जाम वाले एरिया में जल्द भेजने के लिए नई मोटरसाइकिल खरीदने, ई-ट्रैफिक मैनेजमेंट एप बनाए जाने, कॉलेजों में ट्रैफिक इंजीनियरिंग डिग्री या ट्रैफिक कोर्स चलाए जाने, अभय कमांड सेंटर में नए कंप्यूटर खरीदे जाने की मांग उठाई है. वहीं शहर में किसी हिस्से में ट्रैफिक जाम होने पर ड्रोन से उसकी वीडियोग्राफी कर विश्लेषण करते हुए जाम मुक्त करने की दिशा में नए ड्रोन खरीदने की भी मांग की है. इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर भविष्य में हादसे रोकने की दिशा में ट्रैफिक पुलिस एक रोड सेफ्टी लैब भी स्थापित करेगी.
ट्रैफिक पुलिस ने मांगे संसाधन
- अभी 6 इंटरसेप्टर वाहन, 6 अन्य वाहन मांगे, 228 करोड़ में होगी खरीद
- दुर्घटना अनुसंधान इकाई व सुपरकॉप स्कीम के लिए 30 नई मोटरसाइकिल मांगी
- करीब 5 लाख की लागत से विकसित होगा ई-ट्रैफिक एप
- यातायात अध्ययन कार्य हेतु 50-50 बच्चों के 12 बैच की होगी इंटर्नशिप
- दुर्घटना अनुसंधान इकाई व कार्यालयों हेतु 102 कम्प्यूटर
- दुर्घटना अनुसंधान इकाई, ट्रैफिक संभालने के लिए 30 नए ड्रोन मांगे
- करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से एक नई रोड सेफ्टी लैब बनाई जाएगी
- 100 ब्रेथ एनालाइजर मांगे, जिससे शराबी वाहन चालकों की पहचान हो सके.
वर्दी पर अब बॉडी वॉर्न एलईडी ब्लिंकर
रात के समय नाकाबंदी करने और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक पुलिस लगाई जाती है. ऐसे में यातायात पुलिसकर्मी सुरक्षित रहें, इसके लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की वर्दी पर अब बॉडी वॉर्न एलईडी ब्लिंकर लगाए जाएंगे. इससे पुलिसकर्मियों को दूर से ही पहचाना जा सकेगा. वर्तमान में 4 हैंड हैल्ड स्पीड गन द्वारा निर्धारित गति से तेज गति से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है. यातायात पुलिस ने ऐसी 8 और डिवाइस खरीदने की मांग की है. डीसीपी ट्रैफिक ने अब पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी वोर्न कैमरे भी लगाए जाने की योजना बनाई है. इसका फायदा यह होगा कि यातायात पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों के बीच होने वाले विवाद की अब लाइव रिकॉर्डिंग हो सकेगी.
इस तरह हाईटेक होंगे ट्रैफिक जवान
- नाइट विजन हैंड हैल्ड स्पीड गन मय मोटर साइकिल फिटेड खरीदे जाएंगे
- इससे शहरी क्षेत्र में तेज गति से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई संभव
- ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सुरक्षा हेतु 1500 एलईडी ब्लिंकर्स मांगे
- इन ब्लिंकर्स को पहनने से पुलिसकर्मियों के साथ हादसों की आशंका कम होगी
- 300 पुलिसकर्मियों के शरीर पर बॉडी वोर्न कैमरे लगाए जाएंगे
- इससे पहले परिवहन निरीक्षकों को भी बॉडी वोर्न कैमरे दिए गए थे
- इन कैमरों से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लाइव गतिविधि देखी जा सकेंगी
- ट्रैफिक पुलिस ने 500 फोल्डेबल बैरिकेड्स की भी मांग की है.
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