Jaipur News: राजस्थान के जयपुर विकास प्राधिकरण ने एक बड़ी पहल की है, जिसके तहत जल भराव की समस्या के स्थायी समाधान और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है.
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Jaipur News: राजस्थान के जयपुर शहर में बरसात के दौरान होने वाले जल भराव की समस्या के स्थायी समाधान और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बड़ी पहल की है. अब जेडीए, नगर निगम और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग मिलकर शहर के लिए एक मेजर कॉम्प्रिहेंसिव ड्रेनेज प्लान तैयार करेंगे.
सोमवार को जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में जेडीए के चिंतन सभागार में डिजास्टर मैनेजमेंट को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि तीनों विभाग आपसी समन्वय से ड्रेनेज और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को अंजाम देंगे.
जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने निर्देश दिए कि जयपुर शहर के लिए एक समग्र और दीर्घकालिक ड्रेनेज योजना तैयार की जाए. योजना के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए विशेष फंड गठित किया जाएगा, जिसमें एसडीएमएफ (स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट फंड) के साथ-साथ जेडीए और नगर निगम भी अपना योगदान देंगे.
योजना की तकनीकी निगरानी और प्रभावी संचालन के लिए जेडीए, नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग के अभियंताओं की संयुक्त कमेटी गठित की जाएगी, जो संपूर्ण कार्य योजना का प्रबंधन संभालेगी.
बैठक में जानकारी दी गई कि जेडीए द्वारा प्राथमिकता के आधार पर सांगानेर और पृथ्वीराज नगर योजना (दक्षिण) क्षेत्र में ड्रेनेज और आपदा प्रबंधन के लिए 250 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की जा रही है. यह योजना नेबकॉन (नाबार्ड कंसल्टिंग सर्विसेज) के माध्यम से बनाई गई है.
जेडीसी ने निर्देश दिए कि इस कार्य योजना का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाए. बैठक में नगर निगम आयुक्त गौरव सैनी, निदेशक वित्त, निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम एवं द्वितीय सहित जेडीए और आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
वहीं, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए जोन-17 क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है. ग्राम बिषनगढ़, जिला जयपुर स्थित खसरा नंबर 436 में करीब 04 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी को प्रारंभिक स्तर पर ही पूर्णतः ध्वस्त कर दिया गया.
जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि पर बिना जेडीए की स्वीकृति एवं बिना भू-रूपांतरण कराए भूमि को समतल कर बाउंड्रीवाल, निर्माणाधीन ढांचे, पिलर एवं अन्य अवैध निर्माण किए जा रहे थे. अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना मिलने पर जोन-17 के राजस्व एवं तकनीकी स्टाफ द्वारा मौके की निशानदेही की गई, जिसके बाद प्रवर्तन दस्ते ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया.
यह कार्रवाई मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-चतुर्थ, प्रवर्तन अधिकारी जोन-17 तथा प्राधिकरण के उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं संबंधित राजस्व व तकनीकी स्टाफ की मौजूदगी में संपादित की गई. जेडीए की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को पूरी तरह विफल कर दिया गया है.
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