Kota : जेके लोन अस्पताल के NSUI की पहली बारिश में खुली पोल, कोचिंग संस्थान ने उठाई जिम्मेदारी

नवजातों बच्चों की मौतों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कोटा के जेके लोन मातृ-शिशु चिकित्सालय (JK Lone Hospital) ने बिते दिनों सकारात्मक सुर्खियां बटोरी थी. 

Kota : जेके लोन अस्पताल के NSUI की पहली बारिश में खुली पोल, कोचिंग संस्थान ने उठाई जिम्मेदारी
कॉलेज प्रचार्य के अनुरोध पर एलन निदेशक नवीन माहेश्वरी ने इस शिशु वॉर्ड को अब गोद लेने का ऐलान कर डाला है.

Kota : नवजातों बच्चों की मौतों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कोटा के जेके लोन मातृ-शिशु चिकित्सालय (JK Lone Hospital) ने बिते दिनों सकारात्मक सुर्खियां बटोरी थी. जब 45 बेड का देश का अपनी तरह का पहला आत्याधुनिक एनआईसीयू (NICU) यहां बनकर तैयार हुआ था, लेकिन अब बच्चों के इस वॉर्ड के रखरखाव और गुणवत्ता की पोल पहली मानसूनी बारिश ने ही खोल दी. जब पूरा वॉर्ड पानी-पानी हो गया. इस बीच आज मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना के आह्वान पर एलन ने एक बड़ी पहल करते हुए इस शिशु वॉर्ड को गोद लेने का बड़ा ऐलान किया है.

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जहां पहले बच्चों की मौतें होती थी. कोटा संभाग के उस सबसे बड़े मातृ-शिशु चिकित्सालय में अब मशीनों से लेकर इन्तजामों तक सब कुछ आत्याधुनिक है. यहां बने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अपनी तरह के पहले मॉड्यूलर एनआईसीयू की पोल कोटा की पहली मानसूनी बारिश ने ही खोल दी और बरसात के बाद 45 बेड के एनआईसीयू से लेकर गैलेरी तक सबकुछ पानी-पानी हो गया. आज मौके पर हालात देखने के लिये पहुंचे मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने इस एनआईसीयू के बनने को सपना सच होने जैसा बताया और भविष्य में भी ऐसी कई आत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की भी बात कही, लेकिन मेन्टेनेन्स की कमजोर कड़ी के लिये उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं के ही सहारे की बात भी खुलकर स्वीकार कर ली.

नवजातों की कीमती जिंदगी के हिफाजत के मिशन में कोटा का कोचिंग संस्थान एलन भी जेकेलोन मातृशिशु चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज का भागीदार बना है. कॉलेज प्रचार्य के अनुरोध पर एलन निदेशक नवीन माहेश्वरी (Allen Kota) ने इस शिशु वॉर्ड को अब गोद लेने का ऐलान कर डाला है.

बहरहाल इस आत्याधुनिक एनआईसीयू के पानी-पानी हो जाने के पीछे ठेकेदार की गलत ड्रेनेज डिजायन को जिम्मेदार माना जा रहा है, लेकिन पानी गैलेरी से लेकर वॉर्ड तक में बह रहा था तो एनआईसीयू की फॉलसिलिंग से टपक भी रहा था और कुछ तीमारदार और मरीज तो दीवारों से लेकर गेट तक में करंट आने की शिकायत भी कर रहे थे. ऐसे में एलन ने भले ही फिलहाल जेकेलोन एनआईसीयू को गोद लेने का बड़ा ऐलान कर दिया हो, लेकिन इस गड़बड़ झाले के दोषियों पर एक्शन तो अभी भी बाकी है.

रिपोर्ट : हिमांशु मित्तल

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