Rajasthan News: जोधपुर रेजिडेंट डॉक्टर राकेश बिश्नोई आत्महत्या मामले में आखिरकार सात दिन बाद धरना समाप्त हो गया है. करीब पांच घंटे लंबी बातचीत के बाद सरकार और परिजनों के बीच सहमति बनी है.
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Rajasthan News: जयपुर में बीते सात दिनों से जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर राकेश बिश्नोई की आत्महत्या को लेकर चल रहा धरना अब समाप्त हो गया है. धरने की अगुवाई कर रहे सांसद हनुमान बेनीवाल शुरू से ही परिजनों के साथ मोर्चरी के बाहर डटे रहे. इस बीच कल उन्होंने सीएम हाउस की ओर कूच करने का ऐलान किया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया.
5 घंटे चली बैठक, बनी सहमति
आज सुबह से ही SMS अस्पताल की मोर्चरी के बाहर युवाओं की भीड़ जुटने लगी. हजारों की संख्या में लोग CM हाउस कूच की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने परिजनों और छात्र नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया. करीब 5 घंटे तक चली इस बातचीत के बाद सरकार और परिजनों के बीच सहमति बन गई.
राकेश बिश्नोई की पत्नी को सरकारी अस्पताल में दी जाएगी नौकरी
मृतक डॉक्टर राकेश बिश्नोई के भाई सुभाष ने बताया कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें मान ली हैं. संबंधित डॉक्टर को एपीओ किया गया है. IG स्तर के अधिकारी की निगरानी में जांच होगी. रेफरल प्रक्रिया की जांच के लिए चार सदस्यीय SIT बनाई जाएगी. राकेश बिश्नोई की पत्नी को सरकारी अस्पताल में नौकरी दी जाएगी और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा. बातचीत के बाद शाम करीब साढ़े 6 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.
सांसद हनुमान बेनीवाल रहे धरने में डटे
धरने के दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अगर सरकार ने पहले ही मांगें मान ली होती तो आंदोलन की नौबत नहीं आती. लेकिन जब सीएम हाउस कूच का ऐलान हुआ तब सरकार हरकत में आई. तेज बारिश के बीच सड़क पर बैठे सांसद ने साफ कहा कि इस देश में कोई साथ दे या न दे, लेकिन हर व्यक्ति के अन्याय के साथ न्याय दिलाने को लेकर हनुमान बेनीवाल हमेशा खड़ा रहेगा.
रिपोर्टर- एवज पांचाल
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