Karwa Chauth 2025: राजस्थान में करवा चौथ की धूम, इन शहरों में सुहागिनों को दिखा चांद !

Moonrise Time in Rajasthan: जयपुर में करवा चौथ का चांद दिखा. चांद के दीदार के साथ महिलाओं के चेहरों पर रौनक छाई. सोलह श्रृंगार में सजी सुहागिनों ने चांद को अर्घ्य दिया. पहली बार व्रत रखने वाली नवविवाहिताओं के लिए यादगार दिन बना. करवा चौथ पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं.

Karwa Chauth 2025: राजस्थान में करवा चौथ की धूम, इन शहरों में सुहागिनों को दिखा चांद !
Image Credit: Chandrodaya Time in Rajasthan

Rajasthan Karwa Chauth Moonrise Time: जयपुर में करवा चौथ का चांद दिखा. चांद के दीदार के साथ महिलाओं के चेहरों पर रौनक छाई. सोलह श्रृंगार में सजी सुहागिनों ने चांद को अर्घ्य दिया. पहली बार व्रत रखने वाली नवविवाहिताओं के लिए यादगार दिन बना. आज करवा चौथ के पर्व पर राजस्थान के कुछ जगहों पर सुहागिनों को करवाचौथ का चांद दिख गया है, करवा चौथ का का महत्व धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष माना जाता है. इस दिन सिद्धि योग, उच्च के चंद्रमा और कृतिका नक्षत्र का संयोग बन रहा है, और चंद्रोदय दर्शन रात 8:31 बजे हो गए हैं. महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं, पूजा में भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और भगवान गणेश की आराधना करती हैं. भगवान गणेश के उपवास का भी विशेष महत्व है, और कई महिलाएं व्रत का उद्यापन भी करती हैं. इस पर्व में चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है, जो पति-पत्नी के अटूट रिश्ते को और मजबूत बनाता है.

राजस्थान में चांद के उदय का दर्शन
इस बार करवा चौथ का व्रत सिद्धि योग, उच्च के चंद्रमा और कृतिका नक्षत्र के शुभ संयोग में मनाया जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह संयोजन बेहद शुभ माना जाता है और इससे व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है. वहीं, राजस्थान में चंद्रोदय दर्शन रात 8:31 बजे होंगे, जिसके बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलेंगी.

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कब मनाया जाता है करवा चौथ
करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक सौहार्द की कामना करते हुए निर्जला उपवास रखती हैं. दिनभर भूखी-प्यासी रहकर वे शाम को पूजा करती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही जल ग्रहण करती हैं.


भगवान गणेश की विशेष पूजा का भी विधान
पूजन विधि में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की आराधना की जाती है. शास्त्रों में वर्णन है कि माता पार्वती ने भी अपने पति भगवान शिव के दीर्घ जीवन के लिए इसी व्रत का पालन किया था. इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा का भी विधान है. मान्यता है कि गणेश जी उपवास रखने वाली स्त्रियों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. कई महिलाएं इस अवसर पर व्रत का उद्यापन भी करती हैं, जो जीवन में समृद्धि और पारिवारिक सुख की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है.


महिलाओं में खास उत्साह
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर और कोटा जैसे शहरों में महिलाओं में खास उत्साह देखा जा रहा है. पारंपरिक गीतों की गूंज, करवा चौथ कथा का पाठ और आंगन में सजी थालियां इस त्योहार को और भी खास बना रही हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE RAJASTHAN इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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