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Vrindavan Kathavachak Indresh Upadhyay Wedding: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय कल 5 दिसंबर को परिणय सूत्र में बंधेंगे. जयपुर के ताज आमेर में विवाह समारोह होगा. इंद्रेश हरियाणा की शिप्रा संग जीवनसाथी के रूप में बंधने जा रहे हैं. सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक साधु-संतों की उपस्थिति में विवाह समारोह होगा. देशभर के आध्यात्मिक गुरु और संत साक्षी होंगे.
कथावाचक के विवाह को लेकर अनुयायियों में खास उत्साह है. देवकीनंदन ठाकुर, पुंडरीक गोस्वामी, राजेंद्र दास महाराज सहित कई संतों को निमंत्रण मिला है.
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, गोविंददेवजी मंदिर के महंत अंजन गोस्वामी, सरस निकुंज के प्रवीण बड़े भैया को भी निमंत्रण भेजा गया है. शादी वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार होगी. आध्यात्मिकता, संगीत और भारतीय परंपराओं का अद्वितीय संगम समारोह बनेगा.
सोशल मीडिया पर अपने लोकप्रिय भजन ‘राधा गोरी’ के जरिए धूम मचाने वाले इंद्रेश महाराज की शादी की खबर इस समय हर तरफ चर्चा में है. लोग उत्सुक हैं यह जानने के लिए कि आखिर वह कौन हैं जो अब उनकी जीवनसंगिनी बनने जा रही हैं. इंद्रेश उपाध्याय का विवाह राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित भव्य होटल ताज आमेर में संपन्न होगा.
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कौन हैं इंद्रेश उपाध्याय?
इंद्रेश उपाध्याय युवाओं के बीच एक युवा आइकन कथावाचक के रूप में प्रसिद्ध हैं. उनकी कथाओं में आध्यात्म, प्रेम, भक्ति और जीवन दर्शन का ऐसा आधुनिक एवं सहज मिश्रण देखने को मिलता है, जो नई पीढ़ी को बेहद आकर्षित करता है. उनका भजन ‘राधा गोरी’ उन्हें पूरे देश में विशेष पहचान दिला चुका है. 7 अगस्त 1997 को जन्मे इंद्रेश उपाध्याय, प्रसिद्ध कथावाचक कृष्ण चंद्र शास्त्री महाराज के पुत्र हैं.
वे ‘भक्तिपथ’ आंदोलन के संस्थापक भी हैं, जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को आध्यात्मिक मार्ग की ओर प्रेरित करना है. उनके प्रवचन और भजन युवा समाज में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
कौन हैं इंद्रेश उपाध्याय की दुल्हनिया?
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की होने वाली पत्नी का नाम शिप्रा है. शिप्रा का मूल निवास हरियाणा है. उनके पिता पूर्व डीएसपी (DSP) रह चुके हैं. परिवार वर्तमान में अमृतसर (पंजाब) में रहता है. शादी पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाज और सनातनी परंपराओं के अनुसार होगी.
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वृंदावन से जयपुर रवाना हुई बारात
विवाह से जुड़ी सभी रस्में जैसे हल्दी, संगीत और अन्य कार्यक्रम वृंदावन के रमणरेती स्थित आवास पर बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुईं. बुधवार को इंद्रेश महाराज की शानदार घुड़चढ़ी निकाली गई, जिसके बाद वह बारात के साथ जयपुर के लिए रवाना हुए.
भक्तिपथ से घर-गृहस्थी तक
आध्यात्मिक दुनिया में अपनी अनोखी प्रस्तुति से लाखों युवाओं का मन जीतने वाले इंद्रेश उपाध्याय आज अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं. उनके लाखों अनुयायी, भक्त और प्रशंसक उन्हें इस नए सफर के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं.
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