खोज खनन में लेजर तकनीक का होगा उपयोग, विशेषज्ञों की भागीदारी होगी तय
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खोज खनन में लेजर तकनीक का होगा उपयोग, विशेषज्ञों की भागीदारी होगी तय

प्रदेश में खनिजों की खोज और खनन कार्य में लेजर जैसी आधुनिकतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि अधिक वैज्ञानिक ढंग से परिणाम प्राप्त किए जा सके. 

खोज खनन में लेजर तकनीक का होगा उपयोग, विशेषज्ञों की भागीदारी होगी तय

Jaipur : प्रदेश में खनिजों की खोज और खनन कार्य में लेजर जैसी आधुनिकतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि अधिक वैज्ञानिक ढंग से परिणाम प्राप्त किए जा सके. खनिज प्लाट तैयार कर नीलामी से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने के लिए विषेषज्ञों की सेवाएं ली जाएगी. एसीएस माइन्स ने खनिज अभियंता स्तर के अधिकारियों के बिना मंजूरी के मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. अग्रवाल सोमवार को सचिवालय से वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए विभाग के अतिरिक्त निदेशकों, एसएमई और एमई स्तर के अधिकारियों से रुबरु हुए. 

उन्होंने कहा कि खनिज खोज और खनन गतिविधियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करके ही इस क्षेत्र की अवैध गतिविधियों को रोका जा सकेगा. अवैध खनन (Illegal Mining), परिवहन और भण्डारण के प्रति राज्य सरकार (Rajasthan Government) गंभीर है और इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ही अधिकारियों को फील्ड में अधिक से अधिक समय देने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं. राज्य में प्रतिदिन अवैध परिवहन, खनन और भण्डारण पर कार्यवाही होने से खनन माफियाओं में भय का माहौल बनने लगा है.

बिना मंजूरी के नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय 
एसीएस सुबोध अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे. विभाग की पुनर्गठन का काम शुरु कर दिया गया है और जल्दी ही ठोस प्रस्ताव प्राप्त होते ही उस पर कार्यवाही की जाएगी. निदेशक माइंस केबी पण्डया ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक रेकार्ड राजस्व अर्जित किया गया है और राजस्व अर्जित करने की इस गति को बनाए रखना है. विभाग द्वारा जल्दी ही नए ब्लाकों की नीलामी की जाएगी.

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