LinkedIn के ABCs: जब AI स्क्रीनिंग कर रहा हो, तब प्रोफेशनल्स कैसे अलग दिखें

स्किल्स-फर्स्ट हायरिंग ने वैल्यू को पहचानने का तरीका बदल दिया है. जैसा कि आनंद ने एपिसोड में बताया, कई सबसे जरूरी स्किल्स औपचारिक जॉब टाइटल्स के बाहर बनती हैं – जैसे कॉलेज के अनुभव, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, शुरुआती लीडरशिप रोल्स या सर्टिफिकेशन के जरिए. 

LinkedIn के ABCs: जब AI स्क्रीनिंग कर रहा हो, तब प्रोफेशनल्स कैसे अलग दिखें
Image Credit: Artificial Intelligence:

Artificial Intelligence: ऐसे दौर में, जहां लगातार ज्यादा रिक्रूटर्स एप्लिकेशन स्क्रीन करने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, हायरिंग अब ज्यादा सिग्नल-ड्रिवन होती जा रही है. जॉब सीकर्स के लिए इसका मतलब है कि नौकरी के लिए अप्लाई करने का तरीका बदलना होगा – टेम्पलेटेड CV अब कारगर नहीं रहे, और ऐसा प्रोफाइल जो आपकी स्किल्स, अनुभव और इरादों को साफ तौर पर दिखाए, वही जॉब मार्केट में आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा.

Zee Media के साथ मिलकर बनाया गया ‘Beyond AI, CVs & JDs with LinkedIn’ का अंतिम एपिसोड, जॉब सर्च और करियर ग्रोथ के इस AI-प्रूफ तरीके पर गहराई से बात करता है. इसमें LinkedIn की APAC VP of Talent & Learning Solutions रुची आनंद और Wipro के Chief Operating Officer संजीव जैन बताते हैं कि प्रोफेशनल्स कैसे ऐसे ऑथेंटिक, स्किल्स-फर्स्ट प्रोफाइल और कनेक्शन्स बना सकते हैं, जो AI-पावर्ड टैलेंट मार्केट में अलग दिखें.

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A = ऑथेंटिक प्रोफाइल
ऑटोमेशन और स्केल से आकार ले रहे इस मार्केट में, ऑथेंटिसिटी एक बड़ा डिफरेंशिएटर बन गई है. ऑथेंटिसिटी का मतलब जरूरत से ज्यादा शेयर करना नहीं है, बल्कि साफ-साफ बात रखना है. ऐसे प्रोफाइल जो करियर फैसलों, सीखने की प्रक्रिया और इरादों को स्पष्ट रूप से बताते हैं, उन पर भरोसा करना और उन्हें समझना आसान होता है, भले ही करियर जर्नी सीधी न रही हो. जैसा कि आनंद कहती हैं, “कई मजबूत उम्मीदवार करियर ब्रेक, बदलाव या पिवट को साफ तौर पर न समझाकर अपने ही सिग्नल को कमजोर कर देते हैं.” समस्या ब्रेक में नहीं, बल्कि रिक्रूटर्स के लिए जरूरी कॉन्टेक्स्ट के न होने में होती है. AI-इनेबल्ड हायरिंग माहौल में, साफ सिग्नल परफेक्ट तरीके से सजाए गए क्रेडेंशियल्स से ज्यादा दूर तक पहुंचते हैं.

B = स्किल्स और ब्रांड बनाना
स्किल्स-फर्स्ट हायरिंग ने वैल्यू को पहचानने का तरीका बदल दिया है. जैसा कि आनंद ने एपिसोड में बताया, कई सबसे जरूरी स्किल्स औपचारिक जॉब टाइटल्स के बाहर बनती हैं – जैसे कॉलेज के अनुभव, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, शुरुआती लीडरशिप रोल्स या सर्टिफिकेशन के जरिए. जब दस में से सात रिक्रूटर्स डिग्री से ज्यादा ट्रांसफरेबल स्किल्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, तब सीखने की क्षमता प्रासंगिकता का मजबूत संकेत बन गई है. आज रिक्रूटर्स ग्रोथ और इरादे के साफ सिग्नल देखना चाहते हैं – आपको एक प्रोफेशनल के तौर पर क्या परिभाषित करता है? अपनी सीख के आधार पर पर्सनल ब्रांड बनाना, आपकी क्षमता और दिशा को साफ तौर पर दिखाता है.

C = मकसद के साथ कनेक्ट करना
नेटवर्किंग के मजबूत पक्ष को समझाते हुए, आनंद ने जोर दिया कि मकसद के साथ बनाए गए कनेक्शन्स की अहमियत संख्या से कहीं ज्यादा होती है. सीखने, मार्गदर्शन या सलाह के लिए संपर्क करना, न कि सिर्फ लेन-देन वाले अनुरोधों के लिए, लंबे समय में प्रासंगिकता बनाता है. AI-इनेबल्ड डिस्कवरी माहौल में, यही तरीका बड़े पैमाने पर भेजे गए कनेक्शन रिक्वेस्ट्स की तुलना में ज्यादा मजबूत सिग्नल सामने लाता है.

जैसे-जैसे हायरिंग ज्यादा स्किल्स-लेड और AI-असिस्टेड होती जा रही है, वैसे-वैसे वही प्रोफेशनल्स अलग दिखेंगे जो सबसे साफ सिग्नल भेजते हैं. ऑथेंटिक प्रोफाइल, दिखने वाली स्किल्स और सोच-समझकर बनाए गए कनेक्शन्स न सिर्फ डिस्कवर होने की संभावना बढ़ाते हैं, बल्कि भरोसा भी बनाते हैं. AI-ड्रिवन मार्केट में, क्लैरिटी ही जॉब सीकर्स की नई करेंसी है.

Beyond AI, CVs & JDs का अंतिम एपिसोड देखें और समझें कि करियर रियल टाइम में कैसे दोबारा परिभाषित हो रहे हैं:

Disclaimer: This article is from the Brand Desk. User discretion is advised.)

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Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज, Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत है. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर की खबरों में खास दिलचस्पी. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनाव और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बयान पर नजर. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करने में मजा आता है. इसके अलावा कंटेंट को पैकेजिंग करके परोसना इनकी खासियत है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव. इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है और वर्तमान में मेरठ कॉलेज से LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. खबरों की गंध सूंघने और उसे सबसे पहले, सबसे तेज परोसने का जुनून. यही अंश राज हैं
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