न्याय और कर्म के देवता शनि 141 दिनों तक चलेंगे उल्टी चाल, कई राशियों को होगी परेशानी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब-जब शनि अपनी चाल बदलते हैं तब-तब इसका व्यापक असर सभी पर पड़ता है. 

न्याय और कर्म के देवता शनि 141 दिनों तक चलेंगे उल्टी चाल, कई राशियों को होगी परेशानी
प्रतीकात्मक तस्वीर

Jaipur : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब-जब शनि अपनी चाल बदलते हैं तब-तब इसका व्यापक असर सभी पर पड़ता है. शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है. ऐसा माना जाता है कि शनि देव कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. 23 मई से शनिदेव व्रकी होने जा रहे हैं. इसका मतलब है कि उनकी चाल उल्टी हो जाएगी. ऐसी स्थिति में शनिदेव खुद पीड़ित हो जाते हैं और शुभ फल नहीं दे पाते. 

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि रविवार 23 मई 2021  की दोपहर 02: 50 मिनट पर शानि अपनी ही राशि मकर में वक्री हो जाएंगे और उल्टी चाल चलने लगेंगे. शनि 141 दिन यानी करीब पांच महीने तक वक्री अवस्था में रहेंगे. 11 अक्टूबर 2021 को प्रात: 07: 44 मिनट पर शनि फिर से मार्गी हो जाएंगे, यानी सीधी चाल चलने लगेंगे. ज्योतिष में शनि को पापी ग्रह के नाम से भी जाना जाता है. शनि के अशुभ प्रभावों से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 

यह भी पढ़ें- बेहद अशुभ है मई में वृषभ राशि में बनने वाला योग, हो सकती हैं ये बड़ी घटनाएं, रहें सतर्क

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि शनि के वक्री होने से सभी राशियां प्रभावित होती हैं, लेकिन जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है, उन पर अधिक प्रभाव पड़ता है. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इन राशियों को 23 मई 2021 से 141 दिन तक विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. 

ज्योतिष के ग्रंथों में शनि के वक्री होने को शुभ नहीं माना गया है और यह कहा गया है कि -"शनि वक्रे च दुर्भिक्षं रूण्डमुण्डा च मेदिनी और शनि वक्रे जने पीड़ा." जिसका अर्थ यह है कि शनि के वक्री होने पर प्रजा रोग व पीड़ा का शिकार होती है. शनि के वक्री होने से कई लोगों को नुकसान हो सकता है. शनि देव वक्री होने पर धन में कमी लाते हैं व धन हानि कराते हैं. जॉब और बिजनेस में दिक्कतें पैदा करते हैं. 

वक्री शनि का प्रभाव
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि शनि के वक्री होने से देश में फैला डर का माहौल खत्म होगा. लोगों में अनुकूलता और आरोग्यता भी बढ़ेगी. शनि के प्रभाव से महामारी के असर में कमी आने की भी संभावना है. लोगों में वायरस से बचाव व दैनिक गतिविधियों में बढ़ोत्तरी होगी. देश की आर्थिक स्थिति भी शनि के वक्री होने से प्रभावित होगी और उद्योग धंधों पर भी इसका असर पड़ेगा. खाने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. गर्मी और लू से लोगों की परेशानियां भी बढ़ सकती हैं. देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा. कुछ जगहों में तेज हवा के साथ बारिश भी हो सकती है. भारत के पड़ोसी देशों में उत्पात बढ़ने के योग बन रहे हैं. सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा.

धनु, मकर और कुंभ राशियों पर रहेगा शनि का प्रभाव
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र में शनि को न्याय का कारक ग्रह माना गया है. शनि के वक्री होने का सबसे ज्यादा असर उन राशि के जातकों पर पड़ेगा. जिन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही होगी. अगर आपकी कुंडली में शनि अशुभ भाव में बैठा है. तब आपको इसका कष्ट देखने को मिलेगा वहीं अगर आपकी कुंडली में शनि शुभ भाव में है तो आपको इसका अशुभ असर देखने को नहीं मिलेगा. 

वर्तमान दौर में धनु, मकर और कुंभ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. शनि की उल्टी चाल का सबसे ज्यादा प्रभाव भी इन तीनों राशियों पर पड़ेगा. इन तीनों राशि के जातकों को शनि की उल्टी चाल के दौरान कोई नया काम नहीं शुरू करना चाहिए और साथ ही धन निवेश से भी बचना चाहिए. वहीं 2 अन्य राशि मिथुन और तुला पर शनि की ढैय्या चल रही है. ऐसे में शनि के वक्री होने पर कुल पांच राशियों पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा.

मिथुन और तुला राशि के लोगों को भी है सकती है परेशानी
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया किमिथुन और तुला राशि वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है. इन्हें भी अगले 5 महीने सावधान रहने की जरूरत है. शनि की उल्टी चाल के दौरान इन 2 राशि के लोगों को मानसिक तनाव हो सकता है. साथ ही जीवन में उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. संभव है कि कई बार बहुत ज्यादा मेहनत करने के बाद भी आपको सफलता न मिले.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास बता रहे है कि शनि के वक्री होने पर आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

मेष राशि 
दशम भाव का वक्री शनि आपको प्रमोशन के साथ विवाह व प्रेम संबंध में सफलता दिलाएगा.

वृषभ राशि 
शनि भाग्य स्थान में होने से भाग्योदय कराएगा.

मिथुन राशि 
शनि अष्टम भाव में होने से संतान व संपत्ति में फायदा.

कर्क राशि 
सप्तम भाव का वक्री शनि शत्रु पर विजय दिलाने के साथ स्थानांतरण का योग बनाएगा.

सिंह राशि
छठे भाव का वक्री शनि ससुराल पक्ष से खुशखबरी व विदेशों से लाभ के साथ संतान सुख दिलाएगा.

कन्या राशि 
पांचवें घर का वक्री शनि प्रॉपर्टी से लाभ कराएगा.

तुला राशि
वक्री शनि पराक्रम के साथ, शेयर से लाभ दिलाएगा.

वृश्चिक राशि
विवाह के योग बनाने के साथ, भूमि व संपत्ति से लाभ दिलाएगा.

धनु राशि
दूसरे घर का वक्री शनि अच्छे लोगों से सपोर्ट कराएगा व सरकार से लाभ भी मिलेगा.

मकर राशि
लग्न का वक्री शनि नौकरी व व्यवसाय में परिवर्तन के योग बनाएगा. वहीं पैतिृक संपत्ति से लाभ दिलाएगा.

कुंभ राशि
वक्री शनि बारहवें स्थान में होने से धन की वृद्धि कराएगा. साथ ही लव रिलेशनशिप सुधरेंगे.

मीन राशि
ग्यारहवें भाव का वक्री शनि धन की वृद्धि कराएगा. भूमि-भवन व संपत्ति को बढ़ाएगा.

शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए उपाय
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि शिव उपासना और हनुमत उपासना करें. मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें. हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें. मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को सरसों के तेल का दीपक जलाएं, दर्शन का लाभ लें. मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें. शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें. गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं. 

पशु पक्षियों के लिए दाने,  हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें. तेल का दान भी करना चाहिए. तेल दान करने से आपको अपने कष्टों से छुटकारा मिलता है. शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करना चाहिए. इस दिन लोहे का सामान दान करने से शनि देव शांत होते हैं. लोहा दान देने से शनि की दृष्टि निर्मल होती है. रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार ॐ शं शनैश्चराय नमः का जप करें, शनिदेव की कृपा बनेगी और कष्ट दूर होंगे. काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं. सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है.

इन गलतियों को करने से बचें 
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि किसी असहाय को बेवजह परेशान नहीं करें. मांस, मदिरा का सेवन बिल्कुल नही करें. कमजोर व्यक्तियों का अपमान न करें. अनैतिक कार्यों से दूर रहें.

यह भी पढ़ें- बड़ी उथल-पुथल मचाएगा बुध का वृष राशि में प्रवेश, सभी राशियों पर पड़ेगा बुरा प्रभाव, जानें उपाय