Mahesh Joshi News : जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री महेश जोशी की पत्नी का निधन हो गया है. कोर्ट की तरफ महेश जोशी को 4 दिन की अंतरिम जमानत मिली है. आपको बता दें कि आज ईडी की 4 दिन की रिमांड अवधि खत्म हो रही थी.
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jaipur News : पूर्व मंत्री महेश जोशी की पेशी की पत्नी कौशल जोशी का आज सुबह 10.47 पर निधन हो गया. इधर कोर्ट ने जोशी को 4 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है. आपको बता दें की पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में आज ही महेश जोशी को ईडी के अधिकारी पेश करने वाले थे.
जानकारी के मुताबिक आज 3 बजे कौशल जोशी की अंतिम यात्रा, बी 20 सैन कॉलोनी रेलवे स्टेशन से रवाना होगी. और फिर चांदपोल मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया जायेगा.
आपको बता दें कि महेश जोशी को जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार किया गया था आज चार दिन की रिमांड अवधि खत्म हो रही थी और अभी तक की पूछताछ के बाद ईडी के इस घोटाले से जुड़े कई खुलासे करने की संभावना थी. आपको बता दें कि विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने महेश जोशी से 4 दिन तक चली पूछताछ में मुख्य रूप से उनके और जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार मामले में शामिल लोगों के संबंधों पर सवाल किए.
महेश जोशी को 24 अप्रैल को ईडी ने गिरफ्तार किया था, जब एजेंसी ने जल जीवन मिशन घोटाले में उनकी भूमिका की जांच की. गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी को न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया. उन्हें CBI मामलों की विशेष अदालत क्रमांक 3, जयपुर के न्यायाधीश सुनील रणवाह के आवास पर प्रस्तुत किया गया था. इस दौरान ईडी के अधिवक्ता अजातशत्रु मीना ने प्रवर्तन निदेशालय का पक्ष रखा और 4 दिन की ईडी रिमांड की मांग की थी.
न्यायाधीश सुनील रणवाह ने महेश जोशी की 4 दिन की ईडी रिमांड की स्वीकृति दी थी, जो आज यानि की सोमवार दोपहर 1 बजे समाप्त हो रही थी. इस बीच महेश जोशी के पत्नी के निधन के बाद 4 दिन की अंतरिम जमानत जोशी को दी गयी है. आपको बता दें कि डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और 20 हजार करोड़ के घोटाले का दावा किया था. ईडी ने इस मामले में अब तक पीयूष जैन, पदम चंद जैन, महेश मित्तल और संजय बड़ाया को गिरफ्तार किया है. यह मामला पीएमएलए कानून के तहत ईडी की जांच में है.
क्या है जल जीवन मिशन घोटाला
जल जीवन मिशन एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है. लेकिन इस योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर ईडी ने जांच शुरू की थी. जांच के दौरान कई सबूत और दस्तावेज़ सामने आए, जिसके आधार पर महेश जोशी को गिरफ्तार किया गया. ईडी की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जल जीवन मिशन घोटाले में महेश जोशी की भूमिका क्या थी और उन्होंने किस तरह से इस घोटाले में अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया. ईडी की रिमांड अवधि के दौरान जोशी से गहन पूछताछ की जाएगी और उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे.