विजयादशमी पर RSS के कई कार्यक्रम आयोजित, स्वांत रंजन रहे मौजूद
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विजयादशमी पर RSS के कई कार्यक्रम आयोजित, स्वांत रंजन रहे मौजूद

उत्सव कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वांत रंजन मौजूद रहे.

विजयादशमी पर RSS के कई कार्यक्रम आयोजित, स्वांत रंजन रहे मौजूद

Jaipur: शक्ति के प्रतीक विजयादशमी (vijayadashmi) पर आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से जयपुर (Jaipur News) में 29 नगरों में 31 कार्यक्रम आयोजित किए गए.  इस मौके पर शस्त्र पूजन, शारीरिक प्रदर्शन और प्रदक्षिणा संचलन के कार्यक्रम हुए. महेश नगर के पल्लीवाल गार्डन में आयोजित विजय दशमी उत्सव कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वांत रंजन मौजूद रहे. 

स्वांत रंजन ने क्या कहा
स्वांत रंजन (Swant Ranjan) ने देश में बढ़ रही आसुरी शक्तियों के खात्मे के लिए स्वयंसेवकों (RSS) को समाज के हर वर्ग को साथ लेकर शक्ति सम्पन्न बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि संघ अपनी शक्ति को बढ़ाएगा. इसके लिए उन क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जहां अभी संघ कार्यरत नहीं है. दशहरे (Dussehra) के दिन पारम्परिक रूप से शस्त्र पूजन किया जाता है. इधर वर्ष 1925 में विजयादशमी पर संघ की स्थापना हुई. स्थापना दिवस पर संघ की शाखाओं पर शस्त्र पूजन करके शक्ति की आराधना की जाती हैं. वहीं न केवल स्वयंसेवक बल्कि अन्य लोग भी घरों में शस्त्र पूजन (weapon worship) करते हैं.

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लक्ष्मी पूजन की तरह ही शस्त्र पूजन की परम्परा
संघ के क्षेत्रीय सह प्रचार प्रमुख मनोज कुमार (Manoj Kumar) का कहना है कि हमारे समाज में लक्ष्मी पूजन की तरह ही शस्त्र पूजन की परम्परा रही है. दुर्गा पूजन हिंदू समाज (Hindu society) का प्रमुख पर्व है, जिसमें शक्ति की आराधना की जाती है, लेकिन आजकल समाज में शक्ति की आराधना छोड़ लक्ष्मी की भक्ति करने लगे हैं. 

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यही कारण है कि समाज में कई प्रकार की आसुरी शक्तियां उत्पन्न हो गई है. मनोज कुमार कहते हैं कि वर्तमान आसुरी शक्तियों को खत्म करने के लिए लक्ष्मी के साथ शक्ति की आराधना करना भी जरूरी है. संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की शाखाओं के माध्यम से लोगों में शक्ति पूजन के लिए जागृत करने के व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं.

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