बदलेगा माइंस, भूविज्ञान और पेट्रोलियम विभाग का स्वरूप, शुरू हुई पुनर्गठन की कवायद

देश-दुनिया में माइनिंग खोज व खनन की बदलती तकनीक को देखते हुए राज्य के माइंस, भूविज्ञान व पेट्रोलियम विभाग के स्वरूप में बदलाव किया जाएगा. 

बदलेगा माइंस, भूविज्ञान और पेट्रोलियम विभाग का स्वरूप, शुरू हुई पुनर्गठन की कवायद
फाइल फोटो

Jaipur : देश-दुनिया में माइनिंग खोज व खनन की बदलती तकनीक को देखते हुए राज्य के माइंस, भूविज्ञान व पेट्रोलियम विभाग के स्वरूप में बदलाव किया जाएगा. बदलते वक्त के साथ विभागों की कार्यशैली में भी बदलाव किया जाएगा. इसके तहत माइंस विज्ञान और पेट्रोलियम विभाग (Petroleum department) का पुनर्गठन किया जाएगा.

अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम डॉक्टर सुबोध अग्रवाल (Dr Subodh Agrawal) ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुनर्गठन के संबंध में सुझाव और फीडबैक लिया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से माइंस व भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त निदेशक, अधीक्षण अभियंता, अधीक्षण भूविज्ञानी जुड़े. 

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एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विभाग (Mines Department) में खान ब्लॉकों की योजनावद्ध व नियमित नीलामी के लिए अलग से विषेषज्ञों की विंग बनाने, ड्रिलिंग और प्रयोगशाला विंग को सक्रिय कर और पीपीपी मोड पर संचालित करने की संभावनाएं तलाशने, विभाग में उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए पुनर्गठन की आवश्यकता प्रतिपादित की है. उन्होंने कहा कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर नियमित और फूलप्रूफ व्यवस्था के लिए आयकर, एक्साइज, वाणिज्यकर विभाग की तर्ज पर विजिलेंस विंग गठित करने के लिए ठोस सुझाव चाहे गए हैं.

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि निदेशक माइंस केबी पण्ड्या के निर्देशन में विस्तृृत प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं. वीसी के दौरान अतिरिक्त निदेशक प्रशासन  हर्ष सावनसूखा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित प्रारुप प्रस्तुत किया. प्रजेंटेशन पर फिल्ड अधिकारियों से सुझाव भी लिए.