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राजस्थान विधानसभा में भूतों का साया! कभी एक साथ नहीं बैठे 200 सदस्य

राजनीतिक गलियारे में इन दिनों चर्चा आम है कि राजस्थान विधानसभा में किसी तरह के भूत-प्रेत का साया है या फिर वहां किसी बुरी आत्मा का दखल है

राजस्थान विधानसभा में भूतों का साया! कभी एक साथ नहीं बैठे 200 सदस्य
पिछले दिनों दो विधायकों की हुई मौत को लेकर अब फिर से दबी जुबान से राजनीतिक गलियारों में भूत प्रेतों को लेकर चर्चाएं होने लगी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर: दुनिया भले ही चांद पर पहुंच गई हो, 21वीं सदी की और विज्ञान की बात की जा रही हो लेकिन भूत प्रेतों को लेकर दुनिया के विकसित से लेकर विकासशील देशों में चर्चाएं होना आम बात है. कमोबेश हर एक देश में भूत प्रेतों को लेकर कई किवदंतियां हैं लेकिन आज हम बात करेंगे राजस्थान विधानसभा भवन की इन दिनों राजस्थान विधानसभा भवन में विधायकों के बीच भूत-प्रेतों को लेकर चर्चाएं परवान पर है. राजनीतिक गलियारे में इन दिनों चर्चा आम है कि राजस्थान विधानसभा में किसी तरह के भूत-प्रेत का साया है या फिर वहां किसी बुरी आत्मा का दखल है. इसके पीछे आशंका जाहिर की जा रही है कि शायद यही वजह है कि सदन में कभी भी दो सौ सदस्य एक साथ नहीं बैठ सके. बताया जा रहा है कि बीजेपी विधायक कल्याण सिंह चौहान की बुधवार को हुई मौत के बाद सदस्यों में अब इस तरह की चर्चा शुरू हो गई है. इतना ही नहीं सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने तो सीएम वसुंधरा राजे से सदन में ग्रह शांति पूजा करवाने तक का आग्रह किया गया है.

कभी पूरा नहीं हुआ 200 का आंकड़ा
इसे संयोग ही माना जाएगा कि जब से राजस्थान विधानसभा ज्योति नगर की इस बिल्डिंग में शुरू हुई तब से शयद ही कभी एक दिन विधानसभा में सभी दो सौ सदस्य एक साथ बैठे हों. साल 2001 से लेकर अब तक की किसी भी बैठक में सदन की पूरी संख्या नहीं हुई. इस दौरान कभी विधायकों के लोकसभा का चुनाव जीत जाने या कभी उनकी मृत्यु की वजह से दो सौ का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ.

इस विधानसभा में भी पूरा होने से रहा
इसके अलावा मौजूदा सरकार का कार्यकाल साल 2013 में शुरू ही हुआ था कि एक विधायक बी एल कुशवाहा को हत्या के आरोप में जेल जाना पड़ा. कुछ महीने पहले मांडलगढ़ की बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी की अचानक मृत्यु हुई तो उपचुनाव हुआ जिसमें एक फरवरी को कांग्रेस के विवेक धाकड़ जीत कर विधानसभा पहुंचे. धाकड़ ने अभी शपथ ली ही थी कि बीजेपी के कल्याण सिंह की मौत हो गई. अब कल्याण सिंह की सीट पर उपचुनाव नहीं होगा क्योंकि राज्य में विधानसभा के चुनाव में दस महीने से कम का समय बचा है.

मुख्य सचेतक ने की पूजा कराने की पैरवी
इन्हीं तमाम बातों को लेकर बीजेपी के नागौर विधायक हबीबुर्ररहमान ने सीएम वसुंधरा राजे से ग्रह शांति की पूजा करवाने का आग्रह कर डाला. विधायक हबीबुर्रहमान ही नहीं बल्कि सदन के कई दूसरे सदस्य भी मानते हैं कि राज्य विधानसभा का ये भवन श्मशान और कब्रिस्तान पर बना हुआ है. और इसकी वजह से कोई न कोई बात ऐसी है जिसकी वजह से सदस्य संख्या हर सत्र में अधूरी रहती है. सरकारी मुख्य सचेतक कालू लाल गुर्जर ने भी विधानसभा भवन में पूजा पाठ करवाने की पैरवी की है.

राजनीतिक गलियारे में हो रही है चर्चा
राजस्थान विधानसभा में पिछले दिनों दो विधायकों की हुई मौत को लेकर अब फिर से दबी जुबान से राजनीतिक गलियारों में भूत प्रेतों को लेकर चर्चाएं होने लगी है. यह चर्चा तब पुख्ता हुई जब विधायक हबीबुर्रहमान ने मुख्यमंत्री से मिलकर विधानसभा में भूत प्रेतों के इलाज संबंधी कार्यक्रम करने की मांग कर डाली.

कर्मचारियों को भी रहता है खौफ
हालांकि जब कर्मचारियों से अनौपचारिक बात की गई तो कुछ कर्मचारियों ने भी कहा कि हमने भी कई बार विधानसभा को लेकर इस तरीके की बातें सुनी हैं और एहसास भी किया है कि यहां पर कंपन होता है. विधानसभा के सदस्यों की तर्ज पर यहां के कर्मचारी भी इस बात से हमेशा डरे रहते हैं कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हो. इसके चलते कई सालों से विधानसभा परिसर में बने शिव मंदिर में हर साल चार बार अभिषेक का कार्यक्रम करवाया जाता है.

2000 से ही चला आ रहा है ऐसा संयोग
विधानसभा में साल 2000 से ही यह संयोग है कि नए भवन में कभी भी 200 विधायकों की संख्या पूरी नहीं हुई. साल 2000 में गहलोत सरकार में मंत्री और सागवाड़ा से विधायक भीखा भाई भील का निधन हुआ, इसी साल लूणकरणसर से विधायक भीमसेन चौधरी का निधन हुआ. 2003 से 2008 के भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी यह संयोग जारी रहा. 2004 में लूणी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री रामसिंह बिश्नोई का निधन हुआ, 2005 में डीग से भाजपा विधायक अरुण सिंह का निधन हो गया और इन दोनों जगह उपचुनाव हुआ.

साल बदलते रहे रिकॉर्ड बनता रहा
साल 2008 से 2013 में 13 वीं विधानसभा के दौरान किसी मौजूदा विधायक का निधन नहीं हुआ लेकिन चार विधायकों के जेल जाने से सदन में विधायकों की संख्या फिर कम हो गई. दिसंबर 2011 में मंत्री रहते हुए महिपाल मदेरणा और विधायक मलखान बिश्नोई भंवरी देवी हत्या प्रकरण में जेल चले गए, दारिया एनकाउंटर मामले में भाजपा विधायक राजेंद्र राठौड़ भी कुछ समय जेल में रहे और बाद में दुष्कर्म मामले में 2013 में तत्कालीन मंत्री बाबूलाल नागर को जेल हो गई.

14वीं विधानसभा में भी नहीं टूटा संयोग
14 वीं विधानसभा में भी यह संयोग जारी रहा, धौलपुर से बसपा विधायक बीएल कुशवाह चुनाव जीतने के तत्काल बाद हत्या के मामले में जेल चले गए, बाद में कुशवाह को सजा होने से उनकी सदस्यता चली गई. धौलपुर में अप्रैल 2017 में उपचुनाव में शोभारानी कुशवाह जीतीं, अगस्त में मांडलगढ़ विधायक कीर्ति कुमारी का निधन हो गया. मांडलगढ उपचुनाव में कांग्रेस के विवकेक धाकड़ जीते, उपचुनाव के महीने भर से पहले ही नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह का निधन हो गया.

धार्मिक अनुष्ठान के लिए सीएम से की गई बात
विधानसभा के सदन में 200 विधायकों की संख्या पूरा नहीं होने का यह संयोग अब तक जारी है. इसी संयोग ने भाजपा विधायकों को सकते में डाल दिया है. इस डर की वजह से ही अब विधानसभा भवन में प्रेतात्माओं की शांति की बात कही जा रही है. हालांकि संविधान की शपथ लेने वाले विधायकों के इन तर्कों को न विज्ञान मानता है, न संविधान. विधानसभा के मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने भी कहा है कि इस तरीके की शक्तियों को लेकर कई बार हमारे घरों में भी हवन अनुष्ठान होते हैं तो जब लोग इस तरीके की बातें मान रहे हैं तो हम ने मुख्यमंत्री से बात की है कि एक धार्मिक अनुष्ठान किया जाए. कालू लाल गुर्जर भी मानते हैं कि कई बार आत्माओं को मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती इसी के चलते उनका एहसास होता है.

पंडित ने बताया नकारात्मक ऊर्जा का वास
जी मीडिया की टीम ने जब यह पड़ताल की तो पड़ताल के दौरान एक खास बातचीत की पंडित घनश्याम आचार्य से पंडित घनश्याम आचार्य की मानें तो विधानसभा भवन श्मशान और मंदिर भूमि पर बना हुआ है. इसी के चलते यहां पर नकारात्मक उर्जा अक्सर हावी रहती है और मनहूसियत जैसा महसूस होता है. घनश्याम आचार्य मानते हैं कि यदि उन्हें विधानसभा के अंदर आने की इजाजत दी जाए या फिर वहां आने के बाद उन्हें और अच्छे से नकारात्मक ऊर्जा को देखने की इजाजत दी जाए तो वह नकारात्मक ऊर्जा को सतचंडी महायज्ञ के द्वारा निकलवा सकते हैं. विधानसभा के बाहर जब उन्होंने अपने यंत्रों के द्वारा चेक किया तो उनका दावा था कि यहां पर शत प्रतिशत नकारात्मक उर्जा वास करती है.

(योगेश शर्मा, रितु राज शर्मा, नरेश शर्मा, शशि मोहन और ऐश्वर्या प्रधान की खास रिपोर्ट)