एमएसपी बढ़ने पर राजस्थान में मूंग और उड़द कीमतों में तेजी, डिमांड पर भी दिखा असर

सरकार ने 2020-21 में पहले 23 लाख टन दलहन के बफर स्टाक का लक्ष्य रखा था. बाद में इसे घटाकर बफर स्टाक का लक्ष्य 20 लाख टन निर्धारित कर दिया था. 

एमएसपी बढ़ने पर राजस्थान में मूंग और उड़द कीमतों में तेजी, डिमांड पर भी दिखा असर
एमएसपी बढ़ने पर राजस्थान में मूंग और उड़द कीमतों में तेजी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: राजस्थान की मंडियों में बुधवार को मूंग और उड़द कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया. स्टॉकिस्ट भी भावी मांग और आपूर्ति का आकलन करते दिखे. कीमतों में तेजी की वजह दलहनों के न्यनतम समर्थन मूल्य में सरकार की ओर से किया गया इजाफा रहा.

तुवर और उड़द दोनों दलहनों के समर्थन मूल्य में 300 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि कर 6300 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की गई है. मूंग के समर्थन मूल्य में 79 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा कर 7275 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है. वहीं, देश में दलहन का बफर स्टाक इस वर्ष कमजोर रहने की खबरें है, इस वर्ष दलहन का बफर स्टाक 12.5 लाख टन है. यह सरकार के तय लक्ष्य से कम है.

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सरकार ने 2020-21 में पहले 23 लाख टन दलहन के बफर स्टाक का लक्ष्य रखा था. बाद में इसे घटाकर बफर स्टाक का लक्ष्य 20 लाख टन निर्धारित कर दिया था. रिकार्ड के अनुसार, चने का बफर स्टाक 7 लाख 54 हजार 688 टन, तुवर का 3 लाख 43 हजार 940 टन, मूंग का स्टाक 87, 309 टन, उड़द का 55,315 टन और मसूर का 3,457 टन है. मूंग और उड़द के मुकाबले चना कीमतों में मंदा दिखा. राजस्थान की सभी मंडियों में चना कीमतों में गिरावट रही.

राजस्थान की दलहन मंडियों में मूंग और उड़द के नए ऑर्डर निकले. ऑन डिमांड सप्लाई पर वाहन लोड करने पर पैसे का भुगतान भी तुरंत किया जा रहा है. कोराना संक्रमण रोकने के सख्त नियमों में राहत का असर मांग पर जारी है. नागौर, जयपुर, मेड़ता और केकड़ी में मूंग की मांग में अधिक उछाल रहा. चना कोटा, बारां, जयपुर, केकड़ी और श्रीगंगानगर मंडी में गिरावट रही. चने की आवक भी कीमतें कमजोर रहने पर मंदी रही. अन्य दलहनों की स्थानीय मांग में सुधार रहा.

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राजस्थान में चना की मंडी आवक 26 हजार बोरी रही. कोटा 9000, बारां में 8,200, जयपुर में 1300, श्रीगंगानगर में 850, केकड़ी में 1500, मेड़ता में 1450 बोरी आवक रही. मेड़ता मंडी में मूंग की 1800 बोरी, नागौर मंडी में 950 बोरी आवक रही. नौखा मंडी में मौठ 2,800 बोरी आमद रही. केकड़ी मंडी में मूंग 1000 बोरी और उड़द 900 बोरी पहुंचा. किशनगढ़ मंडी में 800 बोरी मूंग की आवक रही. मूंग की बोरी का वजन 60 किलो से लेकर 60 किलो तक है.