Jaipur News: राजस्थान में निकाय चुनावों को लेकर तरह-तरह की खबरें आ रही हैं. राजस्थान में दिसंबर में निकाय चुनाव होंगे. UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत चुनाव कराएंगे. दिसंबर में निकाय चुनाव करवाने की तैयारियां सरकार ने पूरी कर ली है. पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे. विधिक राय लेकर सरकार विचार विमर्श करेगी.
&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jaipur News: जयपुर-राजस्थान में दिसंबर में निकाय चुनाव होंगे. UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत चुनाव कराएंगे. दिसंबर में निकाय चुनाव करवाने की तैयारियां सरकार ने पूरी कर ली है. पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे. विधिक राय लेकर सरकार विचार विमर्श करेगी.
खर्रा ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के दो बयान आए हैं. एक बार में उन्होंने कहा 3 दिन में चुनाव करवाएंगे.फिर कहते है 3 महीने में करवाएंगे. सितम्बर में निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची तैयार करने के लिए कहा गया है. अक्टूबर-नवंबर में निकायों की लॉटरी निकाली जा सकती, जब तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट भी आ जाएगी.
पंचायतीराज चुनाव पर मंत्री ने कहा कि इस पर पंचायतीराज मंत्री ही बताएंगे. उन्होंने कांग्रेस की रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को किसी हकीम या वैद्य को दिखाना चाहिए. राजस्थान में तेजी से विकास हो रहा है.
बता दें कि राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तारीख का एलान होने को है. जयपुर में पीसी के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने बताया की हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है.
अगले 10 दिन में तारीखों की घोषण भी कर दी जाएगी. वहीं चुनावी प्रक्रिया को दो महीनों के भीतर ही पूरा भी कर लिया जाएगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आयोन ने पूरी तैयारी कर ली है, उन्होने कहा कि अगले 10 दिनों में तारीखों की घोषणा भी कर दी जाएगी.
आपको बता दें कि इस बार चुनाव 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायत और 125 नगरीय निकायों में होंगे. आयोग का ये भी कहना है कि चुनाव प्रक्रिया समय पर और निष्पक्ष तरीक से पूरी होगी ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों का भी सम्मान किया जा सके.
वन स्टेट वन इलेक्शन के मुद्दे पर बोलते हुए मधुकर गुप्ता ने कहा कि जब तक संसद संविधान में संशोधन नहीं होता, तब तक स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराना संभव नहीं है. निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल ना तो बढ़ाया जा सकता है और ना ही घटाया. साथ ही EVM और दूसरे संसाधनों की भी जरूरत होगी.
ऐसे में अभी तो व्यवस्था है उसके तहत अलग अलग चुनाव ही कराए जाएंगे. मधुकर गुप्ता ने ये भी कहा कि सिर्फ उन पंचायतों और निकायों में चुनाव होंगे, जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि अन्य जगहों पर समय आने पर ही मतदान होगा.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jaipur Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!