नाहरगढ़ का पड़ाव रेस्टोरेंट आज से हुआ बंद, आमेर महल पर भी नहीं होगा लाइट एंड साउंड शो
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नाहरगढ़ का पड़ाव रेस्टोरेंट आज से हुआ बंद, आमेर महल पर भी नहीं होगा लाइट एंड साउंड शो

करीब 28 वर्षों से जयपुर आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बना नाहरगढ़ का पड़ाव रेस्टोरेंट्स (Padao Restaurant Jaipur) आज बंद हो गया. 

नाहरगढ़ का पड़ाव रेस्टोरेंट आज से हुआ बंद, आमेर महल पर भी नहीं होगा लाइट एंड साउंड शो

Jaipur: करीब 28 वर्षों से जयपुर आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बना नाहरगढ़ का पड़ाव रेस्टोरेंट्स (Padao Restaurant Jaipur) आज बंद हो गया. एनजीटी के आदेशों की पालना में आज जिला प्रशासन ने नाहरगढ़ के पड़ाव सहित तीनों रेस्टोरेंट और आमेर महल के लाइट एंड साउंड शो और रेस्टोरेंट बंद करवा दिए. हालांकि पर्यटन निगम ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है उस पर 1 दिसंबर यानी आज सुनवाई होनी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में राहत नहीं मिली तो यह रेस्टोरेंट में लाइट एंड साउंड शो हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे.

नाहरगढ़ के पड़ाव बुर्ज को जयपुर का एकमात्र सनसेट पॉइंट (Sunset Point) माना जाता है. यहां नाहरगढ़ किले में पर्यटन गतिविधियां पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा संचालित की जाती है जबकि पर्यटन निगम यहां पर पड़ाव बुर्ज के ऊपर पड़ाव रेस्टोरेंट और बार का संचालन करता है. वर्ष 1993 में पर्यटन निगम ने यहां पर रेस्टोरेंट्स का संचालन शुरू किया था. इसके बाद से ही यह कभी भी घाटे में नहीं रहा पर्यटक यहां आकर न केवल खानपान एवं अन्य पार्टी कर सकते हैं वरन पड़ाव पर बैठकर जयपुर को निहारना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा है. यहां पर पुरातत्व विभाग द्वारा अधिकृत एजेंसी शीश महल और वैक्स म्यूजियम का भी संचालन करती है. माधवेंद्र महल के स्थापत्य को निहारने भी हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं. यहां पर पहले दुर्ग कैफेटेरिया का भी संचालन किया जाता था बाद में इसे एक निजी एजेंसी को दे दिया गया लेकिन कुछ दिनों बाद इसे बंद कर दिया गया था. अब यहां एक अन्य रेस्टोरेंट और एक कियोस्क का भी संचालन किया जाता है.

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वन्य जीव प्रेमी राजेंद्र तिवारी ने यहां रेस्टोरेंट और बार संचालन तथा आमेर में लाइट एंड साउंड शो एवं रेस्टोरेंट संचालन को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई थी. याचिका में कहा गया था कि यह संरक्षित वन क्षेत्र है और यहां पर वन विभाग द्वारा नाहरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को भी अधिसूचित किया गया है. ऐसे में वन और वन्य जीवो की इस भूमि पर व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जाना चाहिए. इसके बाद एनजीटी ने याचिका को मंजूर करते हुए राज्य सरकार को 1 दिसंबर से पहले यहां व्यावसायिक गतिविधि बंद करने के आदेश दिए थे. आज इस आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन वन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने नाहरगढ़ और आमेर महल के रेस्टोरेंट तथा आमेर का लाइट एंड साउंड शो बंद करा दिया. हालांकि पर्यटन निगम ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है जिस पर 1 दिसम्बर यानि आज सुनवाई होनी है. यदि सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश को यथावत रखा तो यहां व्यावसायिक गतिविधि के तौर पर रेस्टोरेंट बार और लाइट एंड साउंड शो का संचालन हमेशा के लिए बंद हो जाएगा.

आज पर्यटकों को इस बात का पता चलने के बाद उनमें भारी निराशा देखने को मिली. पर्यटन निगम का स्टाफ मायूस नजर आया और वन विभाग भी पशोपेश की स्थिति में दिखा. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि वन और वन्य जीवो के स्वच्छंद विचरण स्थली में इस तरह की गतिविधियां पहले शुरू ही क्यों की गई और अब एनजीटी ने बंद करने के आदेश दिए हैं तो राज्य सरकार ऐसा कौन सा रास्ता निकालेगी कि यहां पर्यटन गतिविधियां प्रभावित ना हो.

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