Corona से संक्रमित हुए बच्चों में मिल रहा है ये नया सिंड्रोम, जानिए इसके लक्षण और कैसे करें बचाव

देश में कोरोना की थर्ड वेव को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है, लेकिन इससे पहले बच्चों में एक नई शारिरिक दिक्कत देखी जा रही है.

Corona से संक्रमित हुए बच्चों में मिल रहा है ये नया सिंड्रोम, जानिए इसके लक्षण और कैसे करें बचाव
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jaipur : देश में कोरोना की थर्ड वेव को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है, लेकिन इससे पहले बच्चों में एक नई शारिरिक दिक्कत देखी जा रही है. MIS यानि मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम. जयपुर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेके लोन में 1 जनवरी से लेकर अब तक करीब 71 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिनमें से 44 को डिस्चार्ज किया गया और 7 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस समस्या को कोविड डिजीज का ही एक स्पेक्ट्रम माना जा रहा है यानि पोस्ट कोविड से जुड़ी समस्याओं में से एक, जिसके लक्षण (Multi System Inflammatory Syndrome) 1 सप्ताह से लेकर 6 सप्ताह बाद तक आ सकते हैं.

सरल भाषा मे इसे समझे तो जब शरीर में एंटीबॉडीज जब ज्यादा बनने लगती है तो वो शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है. प्रदेश के निजी अस्पतालों में भी इस तरह की शिकायत लेकर परिजन अपने बच्चों के लेकर पहुंच रहे हैं. RTPCR कोविड टेस्ट, एंटीजन टेस्ट और कोविड एंटीबॉडी टेस्ट से इस बीमारी का पता चल रहा है. राजस्थान (Rajasthan News) के अलावा पंजाब, दिल्ली, गुजरात, केरल में भी ऐसे मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों काे अलर्ट किया है.

इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स इंटेंसिव केयर चैप्टर की ओर से जारी डेटा के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर तक देशभर में दो हजार से ज्यादा बच्चे एमआईएस से पीड़ित मिले हैं. जेके लोन अस्पताल (Jaipur JK Lone Hospital) के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुप्ता बताते हैं कि कोरोना संक्रमण से अधिक प्रभावित बच्चों में दो तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं. बच्चों में निमोनिया या फिर एंटीबॉडी से संबंधित इनफ्लेमेशन भी देखा जा रहा है. बच्चों में एमआईएस का मतलब पहले बुखार आता है. फिर शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे हार्ट, फेफड़ों और ब्रेन प्रभावित होते हैं. तीन से पांच दिन तक बुखार, पेट में तेज दर्द, ब्लड प्रेशर अचानक गिरने लगता है. 

एमआईएस जैसी खतरनाक बीमारी में शरीर के कई अंगों में एक साथ इन्फ्लेमेशन हो जाता है. शरीर का इम्यून सिस्टम ही नुकसान के लिए जिम्मेदार है. यह इम्यून सिस्टम के ओवर रिएक्शन से होता है. हालांकि विशेषज्ञ बताते है कि समय से अगर ईलाज शुरू हो जाए तो बच्चों को गंभीर होने से बचाया जा सकता है.

जयपुर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेके लोन में 1 जनवरी से लेकर अब तक करीब 71 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिनमें से 44 को डिस्चार्ज किया गया और 7 बच्चों की मौत हो चुकी है.

लक्षण (MIS Symptoms): 
-बच्चे की हथेली, आंख, चेहरा लाल हों तो तुरंत दिखाएं.
-इसमें बच्चों की हथेलियां और आंखें, चेहरा व जीभ लाल होने लगती है. ये शुरुआती लक्षण हैं. 
-अधिक दिन बीतने के साथ हार्ट कम काम करने लगता है. क्योंकि हार्ट की धमनियां कोविड की वजह से खराब हो जाती हैं.
-इसके अलावा तेज बुखार,दस्त, उल्टी, पेट में दर्द भी इसके लक्षण हैं. बाद में किडनी, लिवर में इंफेक्शन तक हो जाता है.
-किसी बच्चे में तीन दिन से बुखार हो और उसके कम से कम दो अंगों के इसमें जुड़े होने के संकेत मिलें जैसे- डायरिया, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, थकान, चकत्ते, नेत्र शोथ आदि, तथा पूर्व में वह कोविड संक्रमित रहा हो या किसी कोविड मरीज के संपर्क में आया हो तो, ऐसे मामलों में तत्काल आगे के परामर्श के लिये चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.