Rajasthan Crime: जयपुर की बस्सी थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए NGO की आड़ में नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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Rajasthan Crime: राजस्थान के राजधानी जयपुर की बस्सी थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए NGO की आड़ में नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
विभिन्न राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाकर NGO को बेचा जाता और फिर NGO द्वारा उनके फर्जी कागजात बनाकर उन्हें शादी के नाम पर आगे दूसरे लोगों को बेच दिया जाता था. पिछले लगभग 8 साल से NGO इसी तरह से नाबालिक बच्चियों की खरीद फरोख्त का काम करता आ रहा है.
बस्सी थाना पुलिस को 7 अप्रैल को एक 17 वर्षीय नाबालिग बेसुध अवस्था में मिली. जिसने बताया कि उसे मार्च माह में उत्तर प्रदेश के कानपुर से सुमन और सौरव जयपुर लेकर आए और 1.30 लाख रुपए में गायत्री विश्वकर्मा नामक महिला को बेच दिया. उक्त महिला द्वारा सुजानपुरा बस्सी में गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन नामक एनजीओ का संचालन किया जाता है.
गायत्री विश्वकर्मा ने नाबालिग को नारथम नामक युवक को 2.50 लाख रुपये में बेच दिया. जिसने झूठी शादी का नाटक कर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और पीड़िता को वापस गायत्री देवी के पास छोड़ गया. जब पीड़िता ने इसका विरोध किया और आरोपियों के चंगुल से भागने की कोशिश की, तो फिर उसके साथ मारपीट की गई.
गिरोह द्वारा पीड़िता को महेंद्र और उसके भाई को 2.50 लख रुपये में बेचने की बात चल रही थी. जिसे सुनकर पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और आरोपियों के चंगुल से खुद को मुक्त कर वहां से भागने में सफल रही. इस दौरान गिरोह द्वारा पीड़िता का पीछा भी किया गया, लेकिन वह बच निकली और पुलिस तक जा पहुंची. जिसके बाद पीड़िता ने गिरोह की करतूत के बारे में पुलिस को अवगत कराया.
डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गौतम ने बताया कि बस्सी क्षेत्र के सुजानपुरा गांव में अवैध रूप से संचालित गायत्री सर्व समाज फाउण्डेशन नाम की एनजीओ द्वारा फेसबुक के माध्यम से प्रचार कर लोगों को बुला नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त कर लोगों से शादी कराने के बहाने से नाबालिग लड़कियों के देह व्यापार के लिए बेचने की सूचना मिली. जिसपर अभिजीत पाटिल IPS थानाधिकारी बस्सी के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया.
टीम ने गायत्री सर्व समाज फाउण्डेशन सुजानपुरा बस्सी पर रेड मार एक महिला गायत्री देवी विश्वकर्मा, भगवानदास, महेंद्र और हनुमान को मौके से गिरफ्तार किया. वहीं एक अन्य महिला सलमा को दस्तयाब किया गया. आरोपियों से पूछताछ की गई तो सामने आया कि सर्व समाज गायत्री फाउडेण्शन एनजीओ के एजेंट्स को स्काउट कहा जाता है, जो भारत के विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश, बंगाल, बिहार व अन्य राज्यों से गरीब लड़कियों को ढूंढकर बहला फुसला अपने साथ लाते हैं.
जिन्हें गायत्री विश्वकर्मा नाम की महिला को गायत्री सर्व समाज फाउण्डेशन सुजानपुरा बस्सी पर लाकर बेच देते. गायत्री विश्वकर्मा खरीदी हुई लड़कियों के फर्जी कागजात तैयार कर मोटी रकम लेकर अवैध शादियां करवाती और नहीं मानने पर नाबालिग लड़कियों को गुंडों से पिटवाने की धमकियां देती व डेरे से बाहर लड़कियों को नहीं जाने देती. गायत्री विश्वकर्मा का पहले यह कारोबार कानोता थाना इलाके में चलाती थी.
जब इसके खिलाफ अधिक मुकदमे दर्ज होने लगे तो गायत्री ने कानोता छोड़कर पिछले 8 साल से यह धंधा बस्सी स्थित सुजानपुरा गांव में खोल लिया. पीड़िता को उत्तर प्रदेश के कानपुर से खरीद कर लाया गया था और इसका एक मुकदमा कानपुर में भी दर्ज है. जिसपर आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर कानपुर पुलिस के हवाले किया गया है. जयपुर पुलिस भी इस गिरोह से जुड़े हुए अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी में है.
फिलहाल आरोपी गायत्री विश्वकर्मा, महेंद्र, भगवानदास और हनुमान से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े हुए अन्य लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है. पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर गिरोह के चंगुल से मुक्त होकर पुलिस के पास पहुंच एनजीओ की आड़ में चल रहे गोरख धंधे का खुलासा करने में पुलिस के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी का काम किया. फिलहाल देखना होगा कि पुलिस इस गिरोह के राजस्थान सहित अन्य राज्यों में फैले हुए नेटवर्क को किस तरह से खंगालती है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को कितना जल्द गिरफ्तार करती है.