Sikar: पार्टी में गतिरोध की बात को कटारिया ने नकारा, कहा-BJP सिद्धातों, मूल्यों वाला दल

पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता वसुंधरा राजे के पोस्टर हटाने के बारे में बताते हुए कटारिया ने कहा कि कुछ ऐसे चालाक लोग हैं जो विषय को घुमाने के लिए ऐसा कार्य करते हैं.

Sikar: पार्टी में गतिरोध की बात को कटारिया ने नकारा, कहा-BJP सिद्धातों, मूल्यों वाला दल
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं गुलाबचंद कटारिया. (फाइल फोटो)

Sikar: वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में पार्टी द्वारा चलाएं जा रहे अभियानों की रिपोर्टिंग करने हेतु प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को राज्य के अलग-अलग जिलों में भेजा जा रहा है. इसी क्रम में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया एक दिवसीय दौरे पर सीकर आए. यहां उन्होंने पार्टी कार्यालय में जिला पदाधिकारियों की बैठक ली.

इस दौरान गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पार्टी द्वारा कोराना काल में भी संगठन को सक्रिय रखने के लिए अभी तक सभी बैठक वर्चुअल माध्यम से कर रहे थे और रविवार को पहली बार प्रदेश के विभिन्न पदाधिकारियों को अलग-अलग जिले में जाकर संगठन के संबंध में बात करने का दायित्व दिया गया है.

कटारिया ने कहा कि इस समय हमारा मुख्य उद्देश्य हमारा मंडल सक्रिय रहे और बूथ सशक्त बने और पार्टी की योजना को ठीक तरीके से लागू कर सके. वहीं, कटारिया ने राज्य सरकार पर विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा पिछले 15 महीने से केवल वीसी ही हो रही है और आगे भी वीसी ही होती जाएगी.

बीजेपी नेता ने कहा कि जिस प्रकार से सरकार ने 1 साल बर्बाद किया और अब वापस उसी तरह के हालात हो चुके हैं. कटारिया ने कहा कि इस कारण से प्रशासनिक ढांचा कमजोर हो चुका है और इसका नुकसान राजनीतिक पार्टी को तो कम होता है बल्कि आम जनता को इसका नुकसान सबसे ज्यादा भुगतना पड़ता है. इस आधार पर राज्य सरकार बनने के बाद विकास की दृष्टि से जो भी पैसा बजट में दिया गया है वह जमीन पर अभी तक उतर नहीं पाया है.

कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) द्वारा कोरोना काल में जिस तरह से केंद्र सरकार पर आरोपों के बम फेंकने का कार्य किया है, जहां केंद्र द्वारा बीते वर्ष यदि लॉकडाउन नहीं लगाया जाता तो राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की पोल सामने आ जाती और प्रदेश में हाहाकार मचने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती.

गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि पहली बार देश में ही महामारी की दो वैक्सीन बनकर तैयार हुई है और पांच अभी प्रक्रियाधीन है तो इस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा देश को जो सम्मान दिलाया गया है और केंद्र सरकार द्वारा कोरोना काल में भी जिस प्रकार की तैयारी की गई वह बहुत कारगर साबित हुई है.

कटारिया ने कहा कि पहले तो राज्य सरकार ने कहा था कि हम 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण खुद करवाएंगे और जब प्रारंभ में प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक हुई तो राज्यों को स्वायत्तता दी गई, जहां राज्य सरकार द्वारा समय बर्बाद किया गया और उसके पश्चात ग्लोबल टेंडर में असफल हुए तो केंद्र सरकार पर ही सब कुछ करने का कहने लगे. 

बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस बात को भी स्वीकार किया गया और सभी राज्यों को 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाई जा रही है और 21 जून से संपूर्ण हिंदुस्तान में 18 से 44 उम्र के लोगों को वैक्सीन का पूरा कोटा प्रदान किया जाएगा.

वहीं, कटारिया द्वारा राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा गया कि उन्हें जनवरी से मार्च तक कितनी वैक्सीन प्राप्त हुई थी और कितनी उनके द्वारा उपयोग में ली गई. कटारिया ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार एक करोड़ पांच लाख टीका राज्य सरकार को 3 महीनों में मिली और इनके द्वारा केवल 57 लाख वैक्सीन का उपयोग किया गया, ऐसे में यदि इनका सारा उपयोग हो जाता तो दूसरी लहर का जो जलजला आया उससे थोड़ी बहुत आमजन को राहत मिल सकती थी.

कटारिया ने कहा की जिन राज्यों में विपक्ष की सरकार है उनके द्वारा ही वैक्सीन का पूरा उपयोग नहीं किया गया जो कि बहुत बड़ा दुर्भाग्य है. क्योंकि विपक्षी राज्यों को जो वैक्सीन मिली थी उसका उपयोग भी वह नहीं कर पाए. यदि यह इसका उपयोग करते तो दूसरी लहर में जो हालत उत्पन्न हुए वह नहीं होते.

कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 80 करोड़ लोगों को 8 महीने तक का मुफ्त राशन उपलब्ध कराया था और इस साल भी अप्रैल-मई में उपलब्ध करवाया और अब दिवाली तक सभी 80 करोड़ लोगों को 5 किलो गेहूं चावल और 1 किलो दाल मुफ्त मिलेगी.

वहीं, प्रदेश कार्यालय से पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता वसुंधरा राजे के पोस्टर हटाने के बारे में बताते हुए कटारिया ने कहा कि कुछ ऐसे चालाक लोग हैं जो विषय को घुमाने के लिए ऐसा कार्य करते हैं. उन्होंने कहा कि इस बात के आधार पर यह दिखाना कि पार्टी दो हिस्सों में विभाजित हो चुकी है तो यह गलत है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी किसी आदमी के भरोसे चलने वाली पार्टी नहीं है. मैंने खुद पार्टी में पिछले 44 साल से कार्य कर रहा हूं, यहां व्यक्ति के आधार पर पार्टी नहीं चलती है बल्कि यहां तो सिद्धांतों और मूल्यों पर पार्टी चलती है, जहां पार्टी में कई बड़े-बड़े दिग्गज आए और आकर चले गए. लेकिन पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ा.

कटारिया ने कहा कि पूर्व में हम केवल 2 सांसद थे तब भी हम वापस खड़े हो गए. क्योंकि हम हजारों लाखों कार्यकर्ताओं की ताकत के आधार पर चलने वाली पार्टी से हैं, ना कि किसी एक व्यक्ति के भरोसे चलने वाली पार्टी हैं.

(इनपुट-अशोक सिंह)