Jaipur निगम हेरिटेज में अधिकारी-पार्षद आपस में भिड़े, इंजीनियर चैम्बर से धक्के मारकर निकाला बाहर

राजधानी जयपुर के नगर निगम हैरिटेज (Jaipur Nagar Nigam Heritage) में आज एक भाजपा पार्षद को निगम के इंजीनीयर चैम्बर से धक्के मारकर बाहर निकालने का मामला सामने आने के बाद बवाल हो गया. 

Jaipur निगम हेरिटेज में अधिकारी-पार्षद आपस में भिड़े, इंजीनियर चैम्बर से धक्के मारकर निकाला बाहर
गुस्साएं भाजपा पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त के चैंबर में विरोध किया.

Jaipur : राजधानी जयपुर के नगर निगम हैरिटेज (Jaipur Nagar Nigam Heritage) में आज एक भाजपा पार्षद को निगम के इंजीनियर चैम्बर से धक्के मारकर बाहर निकालने का मामला सामने आने के बाद बवाल हो गया. भाजपा के पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त अवधेश मीणा के चैम्बर में विरोध जताया और अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही मांग की. भाजपा पार्षदों (BJP councilors) ने इस पूरे प्रकरण को नगर निगम ग्रेटर में तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह वाले प्रकरण से जोड़कर अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग की है. हैरिटेज निगम के वार्ड 77 के पार्षद सुरेश नावरिया अपने वार्ड क्षेत्र में हाईमास्ट लाईट और वाटर कूलर लगवाने के मामले पर चर्चा के लिए नगर निगम में लाईट विभाग के उपायुक्त सुरेन्द्र कुमार बिसारिया के यहां पहुंचे. जहां उपायुक्त ने काम नहीं होने की बात कहकर उन्हें चैम्बर से बाहर जाने के लिए बोल दिया. 

इस बात को लेकर पार्षद ने जब विरोध किया तो दोनों के बीच बहस हो गई. उपायुक्त बिसारिया ने अपने चैम्बर के बाहर लगे गार्ड को बुलाकर पार्षद को बाहर धक्के देकर बाहर निकलवा दिया. इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के अन्य पार्षद नगर निगम पहुंचे गए और विरोध करते हुए आयुक्त अवधेश मीणा के चैम्बर में पहुंच गए. जहां उन्होंने जनप्रतिनिधि के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ गुस्सा जताया और अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की है. 

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इस मामले में आयुक्त अवधेश मीणा का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी कि क्या सही में पार्षद को धक्का देकर बाहर निकाला है. वीडियो में अधिकारी और पार्षद के बीच बहस होती दिख रही है. अधिकारी को बुलाकर इस मामले में बातचीत की जाएगी. गौरतलब है कि तीन महीने पहले जून में नगर निगम ग्रेटर जयपुर में ऐसा कुछ वाक्या हुआ था. जब तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर संग चल रही एक बैठक को बीच में छोड़कर आयुक्त यज्ञमित्र सिंह बाहर निकल रहे थे. इस दौरान 3 पार्षदों ने उनका रास्ता रोका और उन्हें चैम्बर से बाहर नहीं जाने दिया था. इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया था कि आयुक्त ने इस मामले की शिकायत राज्य सरकार (State Government) के स्तर पर की और पार्षदों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवाया था. 

इस पर राज्य सरकार ने दो दिन बाद ही तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर और 3 अन्य पार्षदों को निलंबित कर दिया था. इसी घटना का आज जिक्र करते हुए भाजपा के पार्षदों ने आयुक्त से बदसलूकी करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की. भाजपा पार्षद कुसुम यादव ने बताया कि इस मामले में हम राज्य सरकार के स्तर पर शिकायत करेंगे और पार्टी स्तर पर भी इस मामले को उठाएंगे. यादव ने आरोप लगाए कि हैरिटेज में अक्सर ऐसा हो रहा है कि भाजपा पार्षदों के काम को अधिकारी नहीं करते.

मामले के बाद दोनों निगमों में आयुक्त के चेम्बर के आगे पार्षदों ने धरना दिया. ग्रेटर निगम के भाजपा पार्षद अपने ही बोर्ड खिलाफ धरने पर बैठ गए. विकास कार्यों की मांगों को लेकर ग्रेटर निगम मुख्यालय पर आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के कक्ष के आगे धरना दिया.