Jaipur में बनेगा 'ऑक्सी हब', 21 जून से अभियान चलाकर आवासन मंडल लगाएगा 1 लाख पेड़-पौधे

मानसरोवर योजना में विकसित किए जाए रहे सिटी पार्क में 20 हजार पेड़ पौधे लगाकर पार्क के एक हिस्से में ऑक्सी हब (Mansarovar City Park) बनाया जाएगा. 

Jaipur में बनेगा 'ऑक्सी हब', 21 जून से अभियान चलाकर आवासन मंडल लगाएगा 1 लाख पेड़-पौधे
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jaipur : जिस वायरस ने एक-एक सांस पर अपना प्रहार किया, कितने ही अपने छीन लिए. उसी वायरस के लिए सांसों के सहयोगी खड़े करने की तैयारी राजस्थान आवासन मंडल ने कर दी हैं. मानसरोवर योजना में विकसित किए जाए रहे सिटी पार्क में 20 हजार पेड़ पौधे लगाकर पार्क के एक हिस्से में ऑक्सी हब (Mansarovar City Park) बनाया जाएगा. 

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आक्सीजन है वरदान, आओ लगाएं पौधे. कोरोना काल में उत्पन्न ऑक्सीजन (Oxygen) के संकट ने हमें पेड़-पौधों की महत्ता समझा दी है. पर्यावरण की शुद्धता और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए पेड़-पौधों का होना आवश्यक है. पौधे लगाना और इनकी सुरक्षा करना भी हमारा दायित्व बनता है. भविष्य में ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board) जयपुर स्थित सिटी पार्क में 20 हजार पेड़ पौधे लगाकर एक हिस्से में ऑक्सी हब बनाने की तैयारी में जुट गया है. इस हब में नीम, पीपल जैसे अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जन करने वाले पौधों के  साथ सघन वृक्षारोपण किया जाएगा.

आवासन मंडल आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया की कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर में हर किसी ने ऑक्सीजन की कमी को महसूस किया. ऑक्सीजन प्लांटस के बाहर लाइनें लगी हुई थी. अस्पतालों में कई लोगों की जान जा रही है उन्हें सही वक्त पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से. इन सारी घटनाओं को देखते हुए लोग अब पौधे लगाने के लिए राजस्थान आवासन मंडल के साथ कई संस्थाएं आगे आ रही हैं. यदि पर्याप्त मात्रा में पेड़. पौधे लगाए जाएं तो स्थितियां इस तरह से खराब नहीं होंगी. लोग पहले भी पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगा रहे थे, अब जब लोगों को पौधों की अहमियत और उनसे मिलने वाली ऑक्सीजन का महत्व समझ में आ रहा है.

आवासन मंडल आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह के तहत सभी नगरीय निकायों और विकास प्राधिकरणों को सघन वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए हैं. उनके निर्देशों की अनुपालना में आगामी मानसून में राजस्थान आवासन मंडल द्वारा मंडल की आवासीय योजनाओं, पार्कों, सिटी पार्क, सड़क किनारे, खाली पड़ी चिन्हित भूमि और विभिन्न निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में 1 लाख पेड़-पौधे लगाए जाएंगे. यह सघन वृक्षारोपण अभियान मंडल की ओर से 21 जून से प्रदेश में व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा.

मण्डल के इतिहास मे पहली बार इतनी बडी संख्या में एक साथ पौधारोपण किया जायेगा. अरोड़ा ने बताया कि अभियान के दौरान देश-विदेश के यूनिक टॉपीयेरी टाइप के सजावटी पौधों के साथ नीम, गुलमोहर, शीशम, अर्जुन, पीपल, मोलसरी, बॉटल ब्रश, टर्मेनिलिया मेटालिका, बॉगेनविलिया, टिकोमा, चम्पा, इरिथ्रिना के साथ आम, शहतूत, जामुन, नींबू जैसे फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे. ये पेड़ जल्दी बड़े हो सकें इसलिए मंडल द्वारा 10 से 15 फीट उंचाई के पौधे ही लगाए जाएंगे. इसके साथ ही सौंदर्यकरण और पर्यावरण सुधार के लिए राज्य की जलवायु के अनुकूल हब्र्स और सब्र्स भी लगाई जाएंगी.

बहरहाल, आवासन मंडल की वीकेंड होम योजना, नायला में फलों का बगीचा भी तैयार होगी जिसमें आम, चीकू, जामुन, नींबू, शहतूत जैसे पेड़ लगाए जाएंगे. यहां के निवासी इन पेड़ों की छाया के साथ फलों का भी आनंद ले सकेंगे. साथ ही एमजीडी वीकेंड होम, नायला योजना में स्थित सेंट्रल पार्क में गांधी वाटिका बनाई जायेगी. इस वाटिका में फलदार फूलदार पेड़-पौधे लगाये जाएंगे. प्रारंभ में यहां 150 पेड़-पौधे लगाये जायेंगे जिसे बाद में और बढ़ाया जायेगा.

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