CM Gehlot की अपील पर लोग गंभीर, शादियां स्थगित कर बन रहे मिसाल

 राजस्थान सरकार ने नई गाइडलाइन (New Corona Guideline) जारी कर शादियों पर रोक लगा दी है, लेकिन वर-वधु के फेरों में कोई पाबंदी नहीं है. 

CM Gehlot की अपील पर लोग गंभीर, शादियां स्थगित कर बन रहे मिसाल
प्रतीकात्मक तस्वीर

Jhunjhunu : राजस्थान सरकार ने नई गाइडलाइन (New Corona Guideline) जारी कर शादियों पर रोक लगा दी है, लेकिन वर-वधु के फेरों में कोई पाबंदी नहीं है. 11 जनों की उपस्थिति में कोर्ट या फिर घर पर शादियां हो सकती है. फिर भी लोग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) की अपील को गंभीरता के साथ ले रहे हैं. यही कारण है कि लोग अपने शादी समारोहों को स्थगित कर मिसाल बन रहे हैं. 

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झुंझुनूं (Jhunjhunu samachar) के चिड़ावा में रहने वाले मोती हिम्मतरामका की भतीजी कोमल की शादी थी 15 मई को होनी थी. सारी तैयारियां हो चुकी थी. शाही अंदाज में शादी करने के लिए मंडावा के प्रसिद्ध होटल भी बुक कर लिए गए थे. ई इनविटेशन भी भेजे जा चुके थे. कार्ड छपने दे दिए, ताकि सभी को भिजवाए जा सके. जब शादी तय की, तब भी कोरोना के मामले आ रहे थे, लेकिन सोचा कि कम लोगों की मौजूदगी में शादी की रस्म अदा कर देंगे, लेकिन जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपील की और उन्होंने इस अपील को समझते हुए हालातों को देखा तो उन्होंने तय किया कि वे इस माहौल में कम लोगों में भी शादी नहीं करेंगे. इसलिए सभी बुकिंग कैंसिल किए, फोन और सोशल मीडिया पर मैसेज के जरिए शादी आगामी तारीख के लिए स्थगित कर दी. उनका कहना है कि जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी ये कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ी जा सकती है. शादी समारोहों में कितना भी कंट्रोल करों, लेकिन लोगों की संख्या बढ ही जाती है. इसलिए ऐसे माहौल में शादी करना, कतई सही नहीं है.

झुंझुनूं के चिड़ावा के रहने वाले सुभाष ककरानिया के बेटे दीपक की शादी 30 अप्रैल को थी. दिल्ली से लड़की वाले भी आने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जिस तरह से कोरोना का प्रभाव बढा. तो इन्होंने खुद आगे बढ़कर लड़की वालों से बातचीत की और दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत में तय कर लिया कि इस माहौल में शादी नहीं करेंगे. हालांकि सरकार (Latest Rajasthan News) ने तब तक 31 लोगों की और जब शादी की तैयारियां की जा रही थी तब 51 लोगों की परमिशन दे रखी थी. परिवार के अन्य लोग तैयार भी थे. ज्वैलरी खरीदी जा चुकी थी, कपड़ों की शॉपिंग हो गई थी. रिश्तेदारियों में कार्ड भिजवाए जा चुके थे. सभी की टिकटें भी बन गई थी. हलवाई, टैंट, मैरिज गार्डन सबकुछ रेडी था. पर इन्होंने खुद अपनी जिम्मेदारियां समझी और समाज में इस कोरोना की चैन तोड़ने में अहम योगदान निभाते हुए आगे के लिए स्थगित कर दिया. जो भी किसी मिसाल से कम नहीं है.

ये तो केवल वो दो नजीर है, जो झुंझुनूं जिले के लोगों ने पेश की है. वैसे देखा जाए तो झुंझुनूं जिले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अपील का खासा असर देखने को मिल रहा है. नवलगढ़ एसडीएम अनूपसिंह, मलसीसर एसडीएम शकुंतला चौधरी, सूरजगढ़ एसडीएम अभिलाषा पूनियां आदि ने भी मुख्यमंत्री की अपील के बाद लोगों से अपील की कि वे अपने शादी समारोह स्थगित कर दें ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. जिसके बाद अब तक करीब दो दर्जन परिवारों ने अपने घर होने वाली शादियों को स्थगित कर इस अपील की सार्थकता को सिद्ध किया है.

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