पुलिस के हाथ लगी कामयाबी, पांच एटीएम उखाड़ने के मामले में दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार
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पुलिस के हाथ लगी कामयाबी, पांच एटीएम उखाड़ने के मामले में दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार

हरियाणा बॉर्डर इलाके में एक के बाद एक पांच एटीएम उखाड़ने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 

पुलिस के हाथ लगी कामयाबी, पांच एटीएम उखाड़ने के मामले में दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार

Jhunjhunu: हरियाणा बॉर्डर इलाके में एक के बाद एक पांच एटीएम उखाड़ने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये न सिर्फ एटीएम उखाड़ते थे बल्कि कब कौनसी एटीएम उखाड़नी है और किस रास्ते से भागना है, यह सब बताते थे. मामले की जांच कर रहे एसआई मुकेश चौधरी ने बताया कि एटीएम चोरी के मामले में नूंह निवासी अभिषेक शर्मा, टांई नूंह निवासी इमरान उर्फ ईबी पहलवान तथा अडबर नूंह निवासी शकील की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पूछताछ में बताया कि इन वारदातों में उनका स्थानीय स्तर पर सिंघाना रेलवे लाइन के पास रहने वाले ठाकरिया और उसका भाई हडिया उनका साथ देता था.

दरअसल हडिया काफी समय में सिंघाना रेलवे लाइन के पास रहा. इससे पहले भी करीब 10 सालों तक बुहाना के कुहाड़वास में रहा, मूल रूप से ठाकरिया और हडिया माथनिया जोधपुर के रहने वाले हैं. वे यहीं पर रहकर फेरी लगाकर बाइक और पिकअप के जरिए प्याज, लहसुन, चटाइयां आदि बेचने का काम करते हैं. इसके अलावा उनके पास ट्रेक्टर भी है, जिससे वे खेतों में खाद और मिट्टी डालने का काम करते हैं.

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करीब 15-20 सालों से इलाके में रहने और गांव-गांव फेरी लगाकर सामान बेचने के कारण इन दोनों को हर कच्चे-पक्के रास्ते की जानकारी थी. हडिया पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है, उस पर चोरी और हत्या के प्रयास के मामले हरियाणा और बुहाना थाने में दर्ज है. हडिया फिलहाल हरियाणा के कोसली थाना इलाके के गुडानिया गांव में रहता है. वह हत्या के प्रयास के मामले में भोंडसी जेल गुड़गांवा में बंद था, जहां पर उसकी मुलाकात बदमाश भोला मेव से हुई. अगस्त 2021 में हडिया जमानत पर बाहर आया तो उसने वापिस से भोला मेव से संपर्क साधा और एटीएम चोरी का प्लान बनाया.

भोला मेव, वसीम उर्फ डैनी और राणा वाली गैंग से हडिया ने हाथ मिलाकर पहले बुहाना क्षेत्र की एटीएम की रैकी की और इसके बाद वारदातों को अंजाम दिया. सभी वारदातों में हडिया बदमाशों के साथ महेंद्रगढ़ से आता और वापिस नूंह मेवात तक जाता, जहां पर पहले शराब पार्टी करते. फिर अपना-अपना हिस्सा लेकर सभी अपने-अपने ठिकानों पर चले जाते.

हडिया का भाई ठाकरिया सिंघाना रेलवे लाइन के पास ही रहता है, उसे भी सभी वारदातों का पता था. ठाकरिया पहले तो हडिया के साथ एटीएम की रैकी करने जाता था. इसके बाद किस रास्ते से आना है, किस रास्ते जाना है और किस जगह पर एटीएम को तोड़कर पैसे निकालने हैं वो सब हडिया के साथ मिलकर तय करता था. इसके बाद ठाकरिया हडिया को ले जाकर हर वारदात में नई सिम देता था. इसके बाद उसे गुडयानी से महेंद्रगढ़ तक बाइक पर छोड़ता था. जहां से गैंग के लोग हडिया को अपने साथ बैठाते और वारदात करने आ जाते थे. इसके बाद ठाकरिया ही वापिस नूंह मेवात से अपने भाई हडिया को लेकर आता था और गांव में छोड़ देता था.

मशीन को जला देते थे ताकि कोई निशान ना रहे
मामले की जांच कर रहे एसआई मुकेश चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बदमाश हडिया के बताए मुताबिक ही महेंद्रगढ़ से राजस्थान में आते थे. यहां पर आकर एटीएम को उखाड़ते और बाद में उसे स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर पहले से हडिया द्वारा तय की गई सूनसान जगह पर जाकर उसे गैस कटर से काटकर उसके आग लगा देते ताकि मशीन पर कोई सुराग या फिर निशान ना रहे.

तीनों मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी और तीन वारदातों में काम ली गई स्कॉर्पिओ गाड़ी को जब्त कर लिया है लेकिन अभी वारदातों के मुख्य सरगना वसीम उर्फ डैली, भोला मेव तथा राणा के साथ-साथ इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है.

भैंस चोरी के बाद एटीएम पर नजर
गिरफ्तार आरोपी हडिया काफी सालों से चोरी कर रहा है. पहले तो उसके भैंस चोरी जैसे मामले दर्ज है लेकिन अब हत्या के प्रयास में जेल की हवा खाकर आया. हडिया जब बाहर आया तो उसकी नजर एटीएम पर पड़ गई और उसने इसके लिए भोला मेव गैंग की मदद ली. जिसमें इनका साथी एटीएम चोरी का पहले से शातिर वसीम उर्फ डैनी भी हो गया.

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एसआई मुकेश चौधरी ने स्वीकार कर रखी है चुनौती
लगातार एटीएम चोरी की वारदातों के बाद एसपी मनीष त्रिपाठी की नाराजगी के शिकार हुए एसआई मुकेश चौधरी को सूरजगढ़ थाने से लाइन हाजिर होना पड़ा था. इसके बाद से मुकेश चौधरी ने इन वारदातों के चुनौती के रूप में स्वीकार कर लिया है, जिसका परिणाम यह रहा है कि ना केवल मुकेश चौधरी ने वारदातों का खुलासा किया बल्कि आरोपियों को भी बारी-बारी दबोच रहे हैं. इस कार्य में साइबर सैल के जितेंद्र थाकन भी उनकी तकनीकी रूप से मदद कर रहे हैं. वहीं बुहाना, सूरजगढ़, सिंघाना आदि थानों की पुलिस व डीएसटी भी पूरा सहयोग कर रही है.

Report-Sandeep Kedia

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