वर्दी पहनने के लिए नहीं है जवानों के पास पैसा, भत्ता बढ़ाने के लिए भेजा गया प्रस्ताव
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वर्दी पहनने के लिए नहीं है जवानों के पास पैसा, भत्ता बढ़ाने के लिए भेजा गया प्रस्ताव

प्रदेश में जवानों को इतना भी पैसा नहीं दिया जा रहा कि वो निर्धारित पूरी वर्दी (full uniform) पहन सकें

वर्दी पहनने के लिए नहीं है जवानों के पास पैसा, भत्ता बढ़ाने के लिए भेजा गया प्रस्ताव

Jaipur: प्रदेश में जवानों को इतना भी पैसा नहीं दिया जा रहा कि वो निर्धारित पूरी वर्दी (full uniform) पहन सकें. यह व्यवहार भी उन कमांडों के साथ किया जा रहा है जो वीवीआईपी सुरक्षा (VVIP Security), आतंकी और हथियारबंद अपराधियों से उत्पन्न खतरों को दूर करने में तैनात हैं. राज्य में ईआरटी जवानों का वर्दी भत्ता बढ़ाने के लिए पीएचक्यू ने हाल ही में राज्य सरकार (State Government) को प्रस्ताव भेजा है. 

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राज्य में पुलिस जवानों को राज्य सरकार की ओर से वर्दी आयटम दिए जा रहे थे. इस बीच 18 अगस्त 2020 को गृह विभाग (Home department) से कांस्टेबल से लेकर एएसआई (ASI) तक पुलिसकर्मियों (policemen) को वर्दी आयटम के बजाय सालाना एक मुश्त 7000 रुपये भत्ता देने के आदेश जारी किए गए है. इधर इन आदेशों के बाद इस राशि में ईआरटी कमांडों के लिए वर्दी आयटम खरीदना परेशानी का कारण बन गया है. इसका कारण स्पेशल फोर्स होने के कारण ईआरटी कमांडों को सामान्य पुलिस बल के अतिरिक्त विशेष आयटम की जरूरत होना है. पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने 2 सितम्बर को प्रमुख सचिव गृह (principal secretary home) को प्रस्ताव भेजकर ईआरटी जवानों का वर्दी भत्ता (uniform allowance) 11 हजार 668 रुपये करने की स्वीकृति मांगी है.

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पुलिस मुख्यालय ने ईआरटी कमांडों का वर्दी भत्ता बढ़ाने के लिए तर्क भी दिए हैं कि ईआरटी का गठन इमरजेंसी परिस्थितियों में विशेषकर आतंकी हमले (Terrorists attack), बंधक बनाने, हथियारबंद अपराधियों से उत्पन्न खतरों से बचाव के लिए किया गया है. वीवीआईपी-वीआईपी की सुरक्षा के मद्देनजर 9 संभागों में गठन किया गया है. ईआरटी को राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) का फर्स्ट रेस्पॉन्डर बताया है. ईआरटी को NSG द्वारा आयोजित ज्वाइंटकाउंटर टेररिज्म (joint counter terrorism), काउंटर हाईजैक एक्सरसाइज, कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स में शामिल कर ट्रेंड कराया जाता है.

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सामान्य पुलिस के अलावा ईआरटी को 13 वर्दी आयटम ज्यादा काम में आते हैं. ईआरटी कमांडों के वर्दी आयटम पर वर्ष 2016 में 5904 रुपये खर्च होते थे, वहीं अब 8365 रुपये खर्च हो रहे हैं. सामान्य पुलिस के अतिरिक्त आयटम पर 3303 रुपयों का खर्च आ रहा है. ईआरटी में कांस्टेबल से कम्पनी कमांडर तक 333 कार्मिक स्वीकृत हैं. इसमें कॉन्स्टेबल की स्वीकृत संख्या 252 हैं. वहीं, कार्यरत 235 है. हैड कांस्टेबल की स्वीकृत संख्या 36 हैं. वहीं, कार्यरत 22 है. प्लाटून कमांडर की स्वीकृत संख्या 36 है, लेकिन कार्यरत मात्र 6 हैं. कम्पनी कमांडार की स्वीकृत संख्या 9 है, जिनमें 4 कार्यरत हैं.

अगर सरकार वर्दी भत्ता 11000 रुपये स्वीकृत करती है तो 36 लाख 63000 रुपए सालाना का वित्तीय भार आएगा.

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