देवस्थान विभाग के जयपुर मंदिरों पर ये कैसा खतरा , क्या प्रभु खुद करेंगे चमत्कार ?

Jaipur News : जयपुर जिसे लोग छोटी काशी कहकर पुकारते हैं, वहां के मंदिर आज अपनी ही दशा पर आंसू बहा रहे हैं. यह विडंबना है कि जिन मंदिरों में कभी घंटों की गूंज, दीपक की लौ और भक्ति का आलोक छाया रहता था, आज वही मंदिर अपनी छतों से गिरते प्लास्टर और झूलते पिलरों के साए में सिसक रहे हैं. टूटती छतें, झूलते पिलर और गिरता प्लास्टर ये नज़ारे केवल ईंट-पत्थरों का ढहना नहीं, बल्कि आस्था के मंदिरों पर संकट का प्रतीक बन चुके हैं.

देवस्थान विभाग के जयपुर मंदिरों पर ये कैसा खतरा , क्या प्रभु खुद करेंगे चमत्कार ?
Image Credit: Jaipur NewsSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Jaipur News : जयपुर की पहचान सिर्फ हवेलियों और महलों से नहीं है, बल्कि उन मंदिरों से भी है जहां सदियों से भगवान का वास माना जाता है. लेकिन आज इन मंदिरों की दीवारें ही ढह रही हैं, छतें टूट रही हैं और भगवान के विग्रह भी सुरक्षित नहीं बची हैं. पुजारी और श्रद्धालु भय के बीच पूजा-अर्चना कर रहे हैं. यह दृश्य केवल जर्जर इमारत का नहीं, बल्कि आस्था के मंदिरों पर संकट का प्रतीक है.

नृसिंह मंदिर की छत बल्लियों के सहारे क्यों ?
देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले एमआई रोड के पांच बत्ती चौराहे पर नृसिंह मंदिर परिसर का शिवालय 13 माह से खतरे में खड़ा है. मानसून में पिलर और बीम टूट गए थे। छत बल्लियों पर टिकी है. पुजारी और भक्त भगवान का नाम लेकर ही अंदर जाते हैं. हर आरती के समय लगता है कि कहीं छत हमारे ऊपर न गिर जाए. फिर भी पूजा नहीं छोड़ सकते. यह हमारी आस्था है, लेकिन डर भी है. देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत का कहना हैं की बजट में मंदिरों के जीर्णोंद्वार के लिए घोषणा की हैं. राजस्थान के अलावा देवस्थान विभाग के दूसरे स्टेट में मंदिरों का जीर्णोंद्वार का काम होगा. त्रिपोलिया बाजार का 210 साल पुराना बृजराज बिहारीजी मंदिर, जहां राधा-कृष्ण विराजमान हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

संकटमोचक हनुमान मंदिर खुद संकट में क्यों हैं ?

Jaipur News

बारिश में छत से गिरता चूना सीधे विग्रह पर गिरता है. सोचिए भक्त भगवान को फूल चढ़ाते हैं और ऊपर से प्लास्टर गिरता है. यह दृश्य किसी को भी भीतर तक हिला देता है. मंदिर का जीर्णोद्धार बेहद ज़रूरी है. जब भगवान खुद सुरक्षित नहीं, तो भक्तों की सुरक्षा कैसे होगी ? यह छोटी काशी के लिए शर्म की बात है. सिटी पैलेस के चांदनी चौक स्थित श्री बृजनिधि मंदिर (1849) की दीवारों और छत से रोज़ प्लास्टर झरता है. इतिहास के पन्नों में मंदिर का वैभव लिखा है, लेकिन वर्तमान में लोग यहां खंडहर जैसी तस्वीरें देख रहे हैं. यह मंदिर धरोहर है, इसे बचाना सबकी जिम्मेदारी है. माणकचौक का 250 साल पुराना दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर लोहे के पाइपों के सहारे टिका है. भक्त उन्हीं पाइपों के बीच माथा टेकते हैं. हमारे संकटमोचक संकट में हैं. भगवान के सामने झुकना अब श्रद्धा से ज्यादा डर का अनुभव करा रहा है.

देवस्थान विभाग क्यों कर रहा अनदेखी ?
इन मंदिरों की दुर्दशा केवल पत्थरों का ढहना नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के विश्वास का टूटना है. श्रद्धालु सरकार और समाज से अपील कर रहे हैं कि जब स्कूल और अस्पतालों की मरम्मत हो सकती है, तो मंदिरों को क्यों अनदेखा किया जा रहा है ? अगर ये मंदिर टूट गए तो यह केवल इमारत का नुकसान नहीं होगा, बल्कि हमारी आस्था और पहचान का नुकसान होगा.

Jaipur News

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jaipur Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Zee Rajasthan Web Team

Zee Rajasthan Web Team

जी राजस्थान डिजिटल राजस्थान की हर हलचल पर पैनी नज़र, सबसे सटीक, विश्वसनीय और तेज़ खबरों के लिए बने रहें. राजस्थान के आपके अपने डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ यहां पढ़ें अपने जिले की खबरें - https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan खबरों के साथ जुड़े रहने के लिए हमें फॉलो करें
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो