विश्व पर्यटन दिवस पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय में कार्यक्रम आयोजित, Om Birla ने किया शुभारंभ
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विश्व पर्यटन दिवस पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय में कार्यक्रम आयोजित, Om Birla ने किया शुभारंभ

विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम शुभारंभ किया.

विश्व पर्यटन दिवस पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय में कार्यक्रम आयोजित, Om Birla ने किया शुभारंभ

Jaipur/Delhi : विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम शुभारंभ किया. नई दिल्ली स्थित होटल अशोक में यह कार्यक्रम हुआ. पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. इस अवसर पर पर्यटन से जुड़े डाटा का लोकार्पण किया गया.

विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष बिरला (Om Birla) ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता पूरे विश्व के पर्यटकों को आकर्षित करती है. मेरा गृह प्रदेश राजस्थान भी पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी है. "अतिथि देवो भव:" और "पधारो म्हारे देश" आतिथ्य भाव दिखाते हैं. कोविड के बाद भारत के पर्यटन स्थलों को एक नई पहचान दिलाने की आवश्यकता है. दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था सिर्फ पर्यटन पर निर्भर है. 

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बिरला ने कहा कि हमारे पर्यटन स्थल विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्थानों में है. पर्यटन भारत की आर्थिक प्रगति की ग्रोथ इंजन का काम करता है. जीडीपी में पर्यटन उद्योग का 5 प्रतिशत योगदान है. देश के नौ करोड़ लोग पर्यटन उद्योग से जुड़े हैं. विश्व पर्यटन में भारत तेजी से उभर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में हम 64वें स्थान से 35वें पर आए. पर्यटकों को सुविधाएं देने के लिए देश में कई सराहनीय प्रयास हो रहे हैं. हेरिटेज, मेडिकल, एजुकेशनल और आध्यात्मिक टूरिज्म में काफी स्कोप है. इस दिशा में काम करने पर पर्यटन उद्योग को बूस्ट मिलेगा. 

बिरला ने कहा कि पर्यटन की ग्रोथ के लिए बेहतर कनेक्टिविटी भी बहुत आवश्यक है. कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी देश में क्रांतिकारी कार्य हो रहा है. इंटीग्रेटेड डेटाबेस "निधि", पर्यटन मंत्रालय का सराहनीय प्रयास है. देश के अनेक पर्यटक स्थल अब भी पहचान से दूर हैं. इन पर्यटक स्थलों की विश्व से पहचान करवाने की आवश्यकता है. ग्रामीण टूरिज्म के क्षेत्र में भी नए सिरे से प्रयास पर्यटन मंत्रालय करें. ग्रामीण टूरिज्म विकसित होने से स्थानीय शिल्पी और कलाकारों को भी लाभ मिलेगा. आजादी के अमृत महोत्सव में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थानों को भी पहचान दिलाएं. 

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