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Jaipur News: जयपुर जंक्शन पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में राहत मिल सकेगी. उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन जयपुर डीआरएम कार्यालय के पास स्थित राम मंदिर से हसनपुरा की तरफ रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करेगा. इससे हसनपुरा की तरफ से पानीपेच जाने वाले वाहन चालकों को स्टेशन के सामने से गुजरने की जरूरत नहीं रहेगी. क्या है रेलवे प्रशासन की योजना, कैसे मिलेगी राहत, पढ़िए.
उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन जयपुर शहरवासियों को बड़ी राहत देने जा रहा है. जयपुर जंक्शन के सामने लगने वाले जाम को कम करने की दिशा में एक ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है. यह ओवरब्रिज राम मंदिर से लोको कॉलोनी तक बनाया जाएगा. वर्तमान में स्थित गेट एलसी संख्या 25 पर यह ओवरब्रिज बनाया जाएगा. हसनपुरा की तरफ से आने-जाने वाले वाहन चालक ओवरब्रिज से आ-जा सकेंगे. इससे जंक्शन के सामने जाम में 40 फीसदी की कमी होने की उम्मीद है.
बता दें कि वर्तमान में रोजाना औसतन 2 लाख वाहनों का आवागमन जयपुर जंक्शन के सामने से होता है. इस दौरान परशुराम सर्किल से डीआरएम कार्यालय तक अधिक जाम रहता है. इससे ये वाहन चालक जाम में फंस जाते हैं और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती है. ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. पिछले दिनों जेडीए में आयोजित ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में भी इस पर सहमति बनी थी.
इस तरह ओवरब्रिज से मिलेगी राहत
- रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा ओवरब्रिज के लिए जमीन चिन्हित की गई
- जल भवन ऑफिस से रेलवे की लोको कॉलोनी होते हुए राम मंदिर के लिए ओवरब्रिज
- करीब 600 मीटर लंबा तीन लेन का आरओबी बनाया जाएगा
- इसकी लागत करीब 47 करोड़ रुपए होगी
- रेलवे प्रशासन टेंडर करके निर्माण कार्य शुरू करेगा
- इस साल के अंत तक काम शुरू होगा, जो ढाई साल में बनेगा
- सीकर रोड और सप्तशक्ति कैंटीन (चिंकारा) जाने वाले लोगों को लाभ होगा
- यात्रियों को हसनपुरा पुलिया होते हुए चक्कर नहीं काटना पड़ेगा
- रेलवे स्टेशन के सामने या कलेक्ट्रेट सर्किल तक दो किमी चक्कर नहीं लगेगा
परशुराम सर्किल से डीआरएम ऑफिस होते हुए राम मंदिर तक लगने वाले ट्रैफिक जाम को लेकर ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठकों में कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन नतीजा नहीं निकल सका है. इस मुद्दे को लेकर बैठकों में रेलवे अफसरों व जेडीए अफसरों के बीच बातचीत हुई है. पिछले दिनों ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में भी सिर्फ रोड को चौड़ा करने के लिए चर्चा की गई है. रेलवे प्रशासन 700 करोड़ रुपए खर्च कर जयपुर रेलवे स्टेशन का विकास तो कर रहा है. लेकिन स्टेशन तक पहुंचने के लिए रोड और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर कोई पुख्ता योजना नहीं बनाई गई है.
ट्रैफिक जाम का वैकल्पिक समाधान क्या ?
- अभी राम मंदिर से डीआरएम ऑफिस होते हुए परशुराम सर्किल तक बॉटल नेक
- इससे सुबह और शाम के समय यहां ट्रैफिक रेंग-रेंग कर चलता है
- समाधान के लिए जेडीए को डीआरएम ऑफिस के सामने जगह रेलवे को देनी होगी
- पीतल फैक्ट्री के क्वार्टर्स की करीब 6 हजार मीटर जमीन रेलवे को देनी चाहिए
- इसके बदले रेलवे को भी जेडीए को अपने हिस्से की 6-6 मीटर जमीन देनी होगी
- इससे रोड चौड़ी होगी और जाम की परेशानी से निजात मिल सकेगी
- रेलवे को जमीन मिलती है तो मेट्रो स्टेशन से जयपुर स्टेशन परिसर के अंदर से सड़क बनेगी
- आगे राम मंदिर तक एक सीधी अप्रोच रोड निकाली जाएगी
जयपुर जंक्शन पर प्लेटफॉर्म नंबर 7/8 के पास बने पार्सल ऑफिस और मजिस्ट्रेट कोर्ट को अब हसनपुरा की तरफ स्थित द्वितीय प्रवेश द्वार पर शिफ्ट किया जा चुका है. इससे ये जगह खाली हो गई है. वहीं प्लेटफॉर्म नं. 1 पर स्थित फूड प्लाजा और जन आहार भी बंद हो गए हैं. वहीं नीचे 11 हजार स्क्वायर फीट में 10 हजार वाहनों के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग विकसित की जा रही है. हसनपुरा स्थित सेकंड एंट्री गेट पर भी 2800 वाहनों की पार्किंग बनाई गई है. कुलमिलाकर आने वाले महीनों में जब जयपुर जंक्शन का विकास कार्य पूरा हो जाएगा, तो यहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
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