झालावाड़ हादसे के बाद एक्शन में प्रशासन, जयपुर में 8 जर्जर इमारतें जमींदोज

Jaipur News: झालावाड़ के सरकारी स्कूल में हाल ही में हुई दुखद दुर्घटना के बाद अब राज्यभर में प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है.

झालावाड़ हादसे के बाद एक्शन में प्रशासन, जयपुर में 8 जर्जर इमारतें जमींदोज
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Jaipur News: राजस्थान में झालावाड़ के सरकारी स्कूल में हाल ही में हुई दुखद दुर्घटना के बाद अब राज्यभर में प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है. सुरक्षा को लेकर सतर्क हुआ प्रशासन अब जर्जर और खतरनाक इमारतों को चिन्हित कर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है. राजधानी में ऐसे कई भवनों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

नगर निगम ग्रेटर से लेकर नगर निगम हेरिटेज में आज जर्जर इमारतों पर बुलडोजर गरजता हुआ नजर आया. कभी चारदीवारी की जर्जर हवेलियों में जिंदगी थी, अब मलबे का धुआं उठ रहा है. जयपुर की तंग गलियों में जहां एक वक्त संयुक्त परिवारों की हंसी-ठिठोली गूंजती थी. आज वहीं बुलडोजर की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है.

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झालावाड़ के सरकारी स्कूल में हुए हादसे ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है. अब सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती और उसी सख्ती की तस्वीर है ये जर्जर ढहती हवेलियां. झालावाड़ सरकारी स्कूल में हुई दर्दनाक घटना के बाद पूरे प्रदेश में स्वायत्त शासन विभाग हरकत में आ गया है. राजधानी जयपुर में भी खतरा बनीं जर्जर इमारतों को गिराने को लेकर नगर निगम हैरिटेज और ग्रेटर की टीमें अब सख्त हैं.

आज आठ जर्जर भवनों को जमींदोज़ कर दिया गया. नगर निगम हेरिटेज में किशनपोल जोन में पहली कार्रवाई महावीर पार्क के सामने स्थित एक जर्जर भवन को निगम की टीम ने सुबह ढहाकर की गई. दूसरी कार्रवाई खेजड़ों का रास्ता में की गई जहां 90 साल पुराना मोदी भवन मकान संख्या 2185 मोदी भवन को ढहाया गया.

कार्रवाई के दौरान पास की स्ट्रीट लाइट की वायरिंग टूट गई, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. एक व्यक्ति,जिसने भवन की दुकान किराए पर ले रखी थी, उसने विरोध भी जताया, लेकिन पूर्व में उसे खाली करने का नोटिस दिया जा चुका था. तीसरी कार्रवाई नाटाणियों का रास्ता में नाटाणियों की हवेली के जर्जर हिस्से को ढहाया गया.

नाटाणियों की हवेली करीब तीन सौ साल पुरानी थी. वो इतिहास का हिस्सा थी, लेकिन समय और लापरवाही के आगे कुछ नहीं टिकता. अब सवाल सिर्फ दीवारों का नहीं, जिम्मेदारी का है. इस दौरान स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन, डीएलबी डायरेक्टर प्रतीक जुईकर, आयुक्त नगर निगम ग्रेटर डॉक्टर गौरव सैनी, आयुक्त डॉक्टर निधि पटेल की मौजूदगी रही.

नगर निगम हेरिटेज क्षेत्र में कुल 126 बिल्डिगों को जर्जर होने के चलते नोटिस जारी किए हुए हैं. इसी तरह नगर निगम ग्रेटर में जर्जर भवनों की संख्या 296 हैं. इन भवन मालिकों को पहले नगर निगम की ओर से नोटिस दिए गए और जब नोटिस की मियाद पूरी होने पर भी खुद भवन मालिक की तरफ से मरम्मत और ध्वस्त की कार्रवाई नहीं की गई, तो अब नगर निगम प्रशासन ने बुलडोजर और तंग गलियों में मैन्युअली तौर पर इन बिल्डिंगों को ध्वस्त करने की कार्रवाई कर रहा है.

उधर नगर निगम ग्रेटर क्षेत्र में भी जर्जर इमारतों पर बुलडोजर गरजा. नगर निगम ग्रेटर क्षेत्र में 296 जर्जर बिल्डिंग चिन्हित की गई हैं. मानसरोवर जोन में सबसे ज्यादा 175, जगतपुरा जोन में 47, सांगानेर जोन में 16, मुरलीपुरा जोन में 23, झोटवाडा जोन में 14, विद्याधर नगर जोन में 11, मालवीय नगर जोन में 10 जर्जर बिल्डिंग चिन्हित की गई हैं.

मानसरोवर जोन में भी पांच जर्जर बिल्डिंगों को ध्वस्त किया गया. स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि प्रदेशभर में 3 हजार से ज्यादा जर्जर इमारतों को चिन्हित किया गया है. अब तक इन्हे नोटिस देकर चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन अब तोड़फोड़ कार्रवाई महज़ मलबा गिराने की कवायद नहीं है, बल्कि जन सुरक्षा को लेकर अब सिस्टम की गंभीरता का संकेत है.

प्रदेश में अब कोई भी जर्जर इमारत प्रशासन की नजर से नहीं बचेगी. जो मालिक खुद नहीं सुधारेंगे, उनके भवन निगम गिराएगा और पूरा खर्च वसूला भी जाएगा. सवाल अब सिर्फ कार्रवाई का नहीं, जिम्मेदारी का भी है. प्रशासन की स्पष्ट मंशा है न कोई ढील, न कोई समझौता. ऐसे सभी भवन जिनसे जनसुरक्षा को खतरा है, उन्हें या तो दुरुस्त किया जाएगा या ढहाया जाएगा.

फिलहाल निगम की ओर से साफ कर दिया गया है कि अब केवल नोटिस से बात नहीं बनेगी. जर्जर इमारतें या तो दुरुस्त होंगी, या फिर जमीनदोज़. बहरहाल, इस खबर में दो सच्चाइयां हैं एक प्रशासन, जो अब चुप नहीं बैठेगा और एक समाज, जिसे अपनी जड़ों को वक्त रहते संभालना होगा.

अब सिर्फ नोटिस नहीं मिलेंगे. अब कार्रवाई होगी. वरना जो कभी घर थे, वो सिर्फ मलबा बन जाएंगे. अब सिर्फ एक संदेश है जर्जर इमारतों से समझौता नहीं. जो बचाना है, अभी बचा लो वरना बुलडोजर इंतजार नहीं करता.

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Aman Singh

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अमन सिंह को डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव है और वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. वे राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. करीब 3 साल के डिजिटल मीडिया अनुभव के साथ अमन ने न्यूज़ प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन और स्टोरीटेलिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.