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Chomu Dispute: जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में आधी रात के बाद भड़के उपद्रव और पथराव के मामले में हालात अब काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है और अब तक 110 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया गया है.
घटना के बाद गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य सरकार उपद्रव को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने साफ कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उनका कहना था कि शांति बनाए रखने के प्रयास होने चाहिए, न कि ओछी राजनीति.
दरअसल, चौमूं के बस स्टैंड क्षेत्र के पास स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर पड़े पत्थरों को हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. पुलिस का कहना है कि पत्थर हटाने से पहले स्थानीय लोगों से सहमति ली गई थी और काम शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कर लिया गया था. हालांकि, इसके बाद जब वहां लोहे के एंगल लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी अचानक माहौल बिगड़ गया. देर रात बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया.
सर्द रात में हुए इस अचानक हमले में पत्थरों और बोतलों से पुलिस पर वार किया गया, जिससे कई जवानों के सिर फूट गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. मौके पर फैले पत्थर और टूट-फूट इस बात की गवाही दे रहे थे कि रात को जमकर हंगामा हुआ.
घटना के बाद पुलिस के आला अधिकारी चौमूं थाने में एकत्रित हुए और विशेष टीमों का गठन किया गया. स्पेशल पुलिस कमिश्नर (ऑपरेशंस) राहुल प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस ने संदिग्ध पत्थरबाजों के खिलाफ सघन अभियान चलाया. पुलिस टीमें मोहल्लों में घुसीं और जिन लोगों पर पथराव में शामिल होने का शक था, उन्हें घरों से बाहर निकालकर हिरासत में लिया गया. ऑपरेशन के दौरान पूरे इलाके में सायरन की आवाज गूंजती रही और कार्रवाई के बाद मोहल्लों में सन्नाटा छा गया.
इस बीच कुछ हिंदू संगठनों के लोग भी मौके पर पहुंचे और पुलिस के समर्थन में नारेबाजी की. उन्होंने सड़क से अतिक्रमण हटाने की मांग की और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की. तनाव को देखते हुए धार्मिक स्थल के आसपास हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और वहां आने-जाने पर रोक लगा दी गई है. पुलिस ने बताया कि नमाज के लिए आए कुछ लोगों को भी एहतियातन वापस भेज दिया गया.
हालात को देखते हुए चौमूं में इंटरनेट सेवाएं 28 दिसंबर सुबह 7 बजे तक बंद रखने का फैसला किया गया है. पहले यह पाबंदी 27 दिसंबर तक थी, लेकिन तनाव और अफवाह फैलने की आशंका के चलते इसे 24 घंटे और बढ़ा दिया गया. पुलिस आयुक्त के पत्र के बाद संभागीय आयुक्त पूनम ने इसके आदेश जारी किए. प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है.
फिलहाल चौमूं में चारों ओर पुलिस की मौजूदगी है और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस अब भी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ कैसे जुटे और पथराव की योजना कब और कैसे बनाई गई. इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं और जांच जारी है.
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