&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan Politics: विधानसभा सदन में लगाए गए अतिरिक्त कैमरों को लेकर कांग्रेस ने सत्ता पक्ष पर उनकी जासूसी करने का आरोप लगाया. वहीं, सदन दिनभर शोरगुल और हंगामें की भेंट चढ़ा रहा. शोरगुल और हंगामा के कारण विधानसभा सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी.
विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान कानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में चोरी डकैती के दर्ज प्रकरणों को लेकर सवाल लगाया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जब सूरत सवाल पूछने लगे तब स्पीकर ने उनको टोका.
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा यह खानपुर से जुड़ा प्रश्न है, आपकी क्षेत्र का नहीं है, आप नहीं बोलेंगे. इस पर जूली ने जताया एतराज और बोले- इंपोर्टेंट प्रश्न है हम पूछेंगे. इसके बाद कांग्रेस के सदस्य खड़े होकर जोर-जोर से बोलने लगे. सदन में नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में शोरगुल हो गया. उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी.
आधा घंटे बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर सदन में हंगामा शोरगुल शुरू हो गया. कांग्रेस विधायक वेल में आ कर नारेबाजी करने लगे. इधर शोरगुल के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही. कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी से तेज होने से शोरगुल व हंगामा बढ़ गया. हंगामा बढ़ता देखकर स्पीकर देवनानी ने विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी. दोपहर 2 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करने लगे. कांग्रेस सदस्यों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की.
मुझे कार्रवाई पर मजबूर नहीं करें
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चेतावनी भरे लहजे कहा- मुझे कार्रवाई पर मजबूर नहीं करें. देवनानी ने कहा कि क्या सदन चलाना नहीं चाह रहे तय करें ? देवनानी ने कहा दो बार स्थगित कर दी और क्या चाहते हो. उसके बाद संबंध तेज होने लगा तो अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी. इस प्रकार तीसरी बार सदन की कार्रवाई स्थगित की गई.
इधर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर में पहुंचे. विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा के बाद सहमति बनी. उसके बाद कांग्रेस सदस्य कुछ देर बाद सदन में पहुंचे. कांग्रेसी सदस्यों में सदन में वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी. सदन में शोरगुल हो गया तो देवनानी ने 15 मिनट के लिए करवाई स्थगित कर दी.
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि सदन में गतिरोध की स्थिति पैदा हुई है , सदन सुचारू चले. आपसे बात हुई थी उसमें दो बातें तय हुई. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- प्रश्नकाल के दौरान या अन्य जब भी कोई कहना चाहे आसान बोलने की अनुमति दे यह आग्रह था. दूसरा बिल पास करने के दौरान तृतीय चरण में जो लोग बोलना चाह रहे थे बोल नहीं पाए उसको लेकर नाराजगी थी. दोनों में सहमति बनी. भविष्य में इसका ध्यान दिया जाएगा. नेता प्रतिपक्ष को यथोचित सम्मान दिया जाएगा. यह सब सहमति होने के बाद इस तरह से व्यवधान कर रहे तो उसका कोई उचित नहीं है. मैं एक बार फिर अपील करता हूं नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष विधायकों से की अपने स्थान पर पधारे सदन को चलाने में सहयोग प्रदान करें.
कैमरे को लेकर शोरगुल हंगामा
टीकाराम जूली ने कहा कि सदन में हमारी तरफ कैमरे लगाए गए हैं. यह हम लोगों की निजता का हनन का अधिकार है. हमारे ऊपर कैमरे लगाए गए विधानसभा में सब कैमरे लगाए गए. इधर वाले कैमरे भी हमारी तरफ उधर वाले कैमरे भी हमारी तरफ है. अगर कैमरे लगाए हैं तो इन्हें भी यूट्यूब पर जारी करो. हमारी एक-एक गतिविधि हम क्या बात करते हैं क्या नहीं करते इस पर भी नजर रखोगे. यह हमारे विधानसभा की कभी परंपरा नहीं रही आप इस तरह से हमें चारों तरफ से घेरकर रहे हैं. हमें नहीं बोलने दिया जाए सवाल हमें नहीं उठाने दे जाए हमारे पर कैमरा लगा दिया जाए. कैमरे किसी की परमिशन चला गया आगे किसी फंड से लगाए गए . सब लोगों की निजता के हनन में आता है.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष विपक्ष और अध्यक्ष की है. सत्ता पक्ष पूरा प्रयास कर रहा है कि गतिरोध नहीं. मन को किसी कारण से गतिरोध हो तो उसे दूर किया जाए. हमारे किसी सदस्य की वजह से प्रतिरोध नहीं बने. अध्यक्ष जी प्रयास कर रहे हैं कि सदन चले.
सदन में मौजूद सब लोग प्रयास करते हैं कि सदन चले लेकिन कभी-कभी गतिरोध हो जाता है. सदन की बहुत बड़ी परंपरा रही है इन सब मिलकर हम निभाएंगे. प्रतिपक्ष के नेता ने कैमरे लगाने का है मुझे कोई जानकारी नहीं है. विधानसभा सचिवालय कार्रवाई करता है बातचीत की जा सकती है और समाधान किया जा सकता है.
जोगाराम पटेल ने कहा मेरी जानकारी में कोई विशेष अधिकार हनन नहीं हुआ है. पुरानी परंपराओं के अनुसार यह सदन चले सभी का मन हो सम्मान हो कभी-कभी थोड़ी बहुत हो जाती है तो उसे भूल जाए. कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र पारीक ने कहा सदन में इस तरह के कई मामले आए हैं उसे दूर करने का सबसे बड़ा जरिया है संवाद सत्ता पक्ष इधर हो विपक्ष हो यह बदलते रहते हैं. कैमरे लगाना परंपराओं के खिलाफ है. सचिवालय बिना अध्यक्ष की अनुमति के एक कील भी उधर-उधर नहीं कर सकता. संसदीय परंपराएं नहीं निभाई जा रही. सदस्य बैठते हैं वह अपने क्षेत्र का प्रतिनिधि है हाउस चलता है तो सब बैठते हैं सदन में निजता का हनन हुआ. क्या अच्छा लगेगा कि हम कहीं चर्चा कर रहे हैं और उसे पर कमरे में रिकॉर्ड किया जा रहा हूं, तत्काल इन कैमरा को हटाया जाए.
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा यह सदन इतना बड़ा हॉल है यह कोई बाथरुम, बेडरूम नहीं है, इसमें निजता कहां से आ गई. राजेंद्र पारीक ने कहा कि आप भी इधर बैठेंगे यह स्थाई नहीं है ने आज हम यहां स्थाई ने आप वहां स्थाई है. कांग्रेस सदस्य सीट छोड़कर वेल में आ गए. स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि जवाब में दूंगा आप इस तरह नहीं आ सकती . आप सीटों पर जाइए फैसला मैं दूंगा. इधर कांग्रेस विधायक वेल में लगातार नारेबाजी करने लगे
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा अध्यक्ष की व्यवस्था में व्यवधान डालना गलत है- आप सदन को मजबूर नहीं कर सकते.