गूगल पर सीखा मर्डर का तरीका, फिर रची पति की हत्या की साजिश! पढ़ें जन्माष्टमी पर हुए खौफनाक कत्ल की कहानी

Rajasthan Crime News: 2025 की जन्माष्टमी के दिन जयपुर में ई-रिक्शा चालक मनोज की हत्या ने पुलिस को उलझा दिया था. जांच में खुलासा हुआ कि पत्नी संतोष ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी. गूगल पर मर्डर और बचने के तरीके खोजे गए, लेकिन पुलिस की जांच में साजिश का खुलासा हो गया.

गूगल पर सीखा मर्डर का तरीका, फिर रची पति की हत्या की साजिश! पढ़ें जन्माष्टमी पर हुए खौफनाक कत्ल की कहानी
Image Credit: Rajasthan Crime FilesSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Rajasthan Crime Files: 2025 की यह एक ऐसी हत्या की कहानी थी, जिसने जयपुर पुलिस को भी कई दिनों तक उलझाकर रखा था. मामला एक ई-रिक्शा चालक की हत्या का था. शुरुआत में यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर नजर आ रहा था. न कोई प्रत्यक्ष गवाह था, न घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा और न ही ऐसा कोई सुराग, जिससे हत्यारों तक आसानी से पहुंचा जा सके. लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो कहानी का सबसे चौंकाने वाला किरदार मृतक की पत्नी ही निकली.

यह घटना जन्माष्टमी के दिन हुई थी. ई-रिक्शा चालक मनोज अपनी रोजमर्रा की तरह काम पर निकला था. उसके परिवार को भी अंदाजा नहीं था कि यह उसका आखिरी दिन साबित होगा. कुछ समय बाद उसका शव सुनसान इलाके में मिला. गला धारदार हथियार से रेता गया था. हत्या इतनी सुनियोजित तरीके से की गई थी कि शुरुआती जांच में पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लग रहा था.

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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मनोज की पत्नी संतोष देवी अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं थी. पुलिस के अनुसार संतोष अपने पति की मारपीट और उस पर लगातार शक करने की आदत से परेशान थी. इसी दौरान उसकी दोस्ती एक बेडशीट फैक्ट्री में काम करने वाले ऋषि श्रीवास्तव से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और फिर मनोज को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार होने लगी. इस साजिश में ऋषि का साथी मोहित शर्मा भी शामिल हो गया.

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था. इसकी तैयारी करीब एक महीने पहले शुरू कर दी गई थी. आरोपियों ने गूगल और सोशल मीडिया पर हत्या करने के तरीके, हत्या के बाद पुलिस से बचने के उपाय और चर्चित मर्डर केसों की जानकारी जुटाई थी. उन्होंने अलग से नए सिम कार्ड खरीदे, ताकि आपस में बातचीत करते समय उनकी पहचान न हो सके. हत्या के लिए जगह चुनने से पहले इलाके की कई बार रेकी भी की गई थी.

16 अगस्त को साजिश को अंजाम देने का दिन तय हुआ. योजना के मुताबिक मोहित ने मालपुरा गेट इलाके से मनोज का ई-रिक्शा किराए पर लिया. वह इस्कॉन मंदिर जाने का बहाना बनाकर ई-रिक्शा में बैठ गया. रास्ते में सुमेर नगर की तरफ मुड़ने पर राजावत फार्म हाउस के पीछे पहले से ऋषि इंतजार कर रहा था. सुनसान जगह पर पहुंचते ही दोनों ने मनोज पर हमला कर दिया. पुलिस के अनुसार हत्या में बेडशीट फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले बेहद धारदार कटर ब्लेड का उपयोग किया गया था. गला रेतने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए.

वारदात के बाद आरोपियों ने अपने कपड़े बदले, मोबाइल सिम बंद कर दिए और सामान्य जीवन जीने की कोशिश करने लगे. उन्हें भरोसा था कि पुलिस उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं जुटा पाएगी. क्योंकि जहां हत्या हुई थी, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था. लेकिन यही आत्मविश्वास बाद में उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुआ.

मुहाना थाना पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. एक फुटेज में मनोज के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया. इसी कड़ी से जांच आगे बढ़ी और आखिरकार पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. पुलिस ने संतोष देवी, ऋषि श्रीवास्तव और मोहित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि हत्या की पूरी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी और उसे बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था. लेकिन अपराध कितना भी सोच-समझकर क्यों न किया जाए, कोई न कोई सुराग पीछे जरूर छोड़ जाता है. यही सुराग इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने की सबसे बड़ी वजह बने.

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SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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