
Rajasthan Crime: राजस्थान के जयपुर जिले के कालवाड़ में पुत्रियों को जन्म देने पर प्रताड़ित करने से पुत्री की हत्या कर स्वयं आत्महत्या करने से जुड़े मामले में महिला उत्पीड़न कोर्ट ने अभियुक्त पति मुकेश निठारवाल को 10 साल की सजा सुनाई. ससुराल वालों के प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने पहले बेटी की हत्या की उसके बाद स्वयं आत्महत्या कर ली.
जिसके बाद पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लदगाते हुए थाने में मामला दर्ज कराया था. महिला के पीहर पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए पति और सभी ससुराल वालों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवाया था. पीहर पक्ष का आरोप था कि जब महिला का भाई उसके घर पहुंचा, तो उसका शव पलंग पर पड़ा था और चेहरे पर मारपीट के भी निशान थे.
पुलिस ने हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन अभी तक पति मुकेश व किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया था. आज महिला उत्पीड़न कोर्ट ने अभियुक्त पति मुकेश निठारवाल कोॉ 10 साल की सजा सुनाई. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि स्त्री के महिला-पुरुष संतति को जन्म देना हाथ में नहीं होने पर भी उसे ही दोषी ठहराया जाता है.
मृतक सुनीता के पिता कानाराम ने 5 जुलाई 2023 को FIR दर्ज कराई थी. अभियुक्त का आटा-साटा प्रथा से 18 अप्रैल 2018 को विवाह हुआ था. विवाह के बाद सुनीता ने 2 पुत्रियों को जन्म दिया था. शादी के एक साल बाद फरवरी 2019 में सुनीता ने बेटी वुष्मा को जन्म दिया. इसके बाद 10 मार्च 2020 को दूसरी बेटी टविशा को जन्म दिया.
दो बेटियां होने पर पति और सास उसे ताने देने लग गए थे. पुत्र नहीं होने पर सुनीता को प्रताड़ित किया जा रहा था. रोज-रोज के प्रताड़ना से तंग आकर सुनीता ने पुत्री की हत्या कर स्वयं आत्महत्या कर ली थी. साल 2018 से लेकर साल 3023 तक सुनीता इन 5 सालों में कम से कम 20 बार थाने शिकायत लेकर जा चुकी थी. आखिरी में उसने तंग आकर ये खौफनाक कदम उठाया.