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Rajasthan News: राजस्थान सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत के कार्य में अब तेज़ी लाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री दीया कुमारी की अध्यक्षता में प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालातों में सुधार लाने और उन्हें बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाने के कार्यों की अब जल्द शुरुआत की जाएगी.
शासन सचिवालय में मंगलवार को इसी सिलसिले में बैठक आयोजित की गई. बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव महेंद्र सोनी, समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक और आयुक्त अनुपमा जोरवाल, आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत, सार्वजनिक निर्माण विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए.
बैठक में बताया गया कि समसा (समग्र शिक्षा) द्वारा जून महीने में किए गए सर्वे के अनुसार, राज्य में 6012 आंगनबाड़ी केंद्रों को मरम्मत की आवश्यकता है. उप मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए.
2365 आंगनबाड़ी केंद्रों को ''आदर्श केंद्र'' बनाया जाएगा. पहले चरण में 6012 आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत की जाएगी. कार्य सुचारू करने को PWD से इंजीनियरों की प्रतिनियुक्ति, वेदांता फाउंडेशन को 10,497 केंद्रों के लिए निर्देश, विधायक निधि से सहायता के लिए पत्र भेजने के निर्देश, कलेक्टर्स को CSR, DMFT, SDRF से फंड जुटाने के निर्देश, HUDCO ने प्रस्ताव दिया.
इतना ही नहीं 3033 आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये की पहली किस्त की वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई है. प्रदेश की आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास का कार्य केवल ICDS ही नहीं देखेगा. बल्कि अलग-अलग विभागों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है.
शिक्षा विभाग द्वारा समस्या के जरिए 2365 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 4 महीनों के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाए. मरम्मत कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से जेईएन/एईएन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी.
साथ ही शिक्षा विभाग के मुख्यालय में भी एसई, जेईएन, एईएन की प्रतिनियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं. वेदांता फाउंडेशन (नन्दघर) की स्टेट हेड को निर्देश दिए गए हैं कि वे जुलाई माह में उपनिदेशकों द्वारा चिन्हित किए गए 10,497 आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत कर उन्हें नन्दघर के रूप में विकसित करने का कार्य जल्दी से जल्दी शुरू करें.
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने निर्देश दिए कि विधायकों को पत्र लिखकर उनके विधायक कोष से आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत/नवीन निर्माण में सहयोग की अपील की जाए. इससे जमीनी स्तर पर तेजी से संसाधन जुटाए जा सकेंगे.
राज्य के जिला कलेक्टर्स को भी पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे CSR, DMFT, SDRF जैसे फंड्स के जरिए अपने-अपने जिलों में 4141 जर्जर भवनों की मरम्मत/नए निर्माण का कार्य शुरू करें. साथ ही बजट आवंटन की प्रक्रिया के लिए प्रथक से प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया है.
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साथ ही बैठक में HUDCO (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के प्रतिनिधि ने भी CSR फंडिंग के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत/निर्माण में सहयोग का प्रस्ताव दिया. उप मुख्यमंत्री ने इस पर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
प्रदेश की आने वाली पीढ़ी को बेहतर पोषण, शिक्षा और देखभाल देने के लिए राज्य सरकार गंभीर प्रयास कर रही है. आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण की यह योजना ना सिर्फ बच्चों और माताओं के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि यह ग्रामीण विकास, बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगी.
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