&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jaipur News: डिजिटल करेन्सी में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में डिजी मुद्रा कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती है. ईडी की जांच में सामने आया कि निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर करोड़ों की धोखाधड़ी की. अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच बढ़ेगी तो आने वाले दिनों में और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.
माई विक्ट्री क्लब एप से खेल हुआ
यदि आप डिजिटल करेंसी में इन्वेस्ट कर रहे है तो सावधान हो जाएं, क्योंकि डीजी मुद्रा के नाम पर ज्यादा रिटर्न का दावा करने वाली कंपनी निवेशकों से धोखाधड़ी कर रही है. ईडी जांच में सामने आया कि डिजी मुद्रा कनेक्ट कंपनी ने निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का दावा कर करोड़ों की धोखाधडी की.
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि माई विक्ट्री क्लब एप से निवेशकों को लालच देकर करोडों की लूट मचाई. लोगों से करोड़ों का निवेश करवाया, लेकिन रिटर्न नहीं मिला. प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अभी और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं क्योंकि ईडी जांच जारी है.
ईडी ने हाल ही में कंपनी के निदेशक रवि जैन, प्रकाश जैन की ठिकानों पर रेड मारी थी, जिसमें 11 लाख रुपये नकद ईडी ने जप्त किए. ईडी के मुताबिक, 15 करोड़ के गड़बड़ी का मामला सामने आया था, जिसके बाद जांच की गई.
एमपी, राजस्थान, हरियाणा में एफआईआर
प्रवर्तन निदेशालय ने जयपुर और किशनगढ़ में 7 ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया था. यह कार्रवाई मेसर्स डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों रवि जैन और प्रकाश चंद जैन द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में की गई, जिसमें आरोपियों ने बहुत अधिक रिटर्न का वादा करके अपनी धोखाधड़ी वाली योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया और प्रेरित किया.
ईडी ने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित एसटीएफ और राजस्थान, हरियाणा, उड़ीसा और महाराष्ट्र के कई जिलों के पुलिस स्टेशनों द्वारा प्रकाश चंद जैन, रवि जैन और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की.
हजारों लोगों को लूटा
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत करके हजारों लोगों को अपने प्लेटफॉर्म ऐप 'माई विक्ट्री क्लब (एमवीसी)' में निवेश करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की थी.
यह प्लेटफॉर्म कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में शामिल था. निवेशकों को आश्वस्त करने के लिए उन्होंने उनके मोबाइल में 'एमवीसी नाम का एक मोबाइल ऐप भी इंस्टॉल किया और उनकी आईडी बनाई, जिसमें निवेश की गई सभी रकम और रोजाना लाभ निवेशकों को उनकी आईडी से जुड़े वर्चुअल माध्यम से दिखाए जाते थे. हालांकि निवेशकों को कोई वास्तविक निकासी या रिटर्न नहीं दिया गया था. ईडी की जांच फिलहाल जारी है, जिसमें कई और खुलासे हो सकते है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!