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Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने उज्ज्वला योजना और मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना को फर्जीवाड़ा मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया सुरक्षा कवच जोड़ दिया है. अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सिर्फ लाभार्थी के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए ओटीपी के बाद ही होगी.
यानी अब कोई दूसरा व्यक्ति किसी महिला या एनएफएसए कार्डधारक की सब्सिडी पर सिलेंडर नहीं ले सकेगा. इससे हर परिवार तक सरकारी मदद सीधे और सुरक्षित तरीके से पहुंचेगी.
रसोई में राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत सब्सिडी वाली उज्ज्वला और मुख्यमंत्री गैस सिलेंडर योजना अब और ज्यादा सख्त निगरानी में मिलेगी. उज्ज्वला और खाद्य सुरक्षा योजना से जुडे़ लाभार्थियों को 856 में सिलेंडर लेना होता है. बाद में सब्सिडी के 406 रुपए खातों में जमा होते हैं.
लाखों परिवारों तक यह सब्सिडी सही और पारदर्शी तरीके से पहुंचे इसके लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है. पात्र लाभार्थियों को ही सब्सिडी का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अब गैस एजेंसियों को नियमों का पालन करना होगा. इस संदर्भ में अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम सागर ने नए नियमों को लेकर तीनों तेल कंपनियों के समन्वयक को पत्र लिखा है.
योजना की शर्तों के अनुसार, एक राशन कार्ड पर प्रति माह अधिकतम एक और वर्ष में 12 रिफिल पर ही सब्सिडी का लाभ दिया जाता है. राज्य में एक करोड़ नौ लाख तीन हजार राशनकार्ड धारक हैं. इस समय लगभग 70 लाख ऐसे लाभार्थी परिवार हैं, जिनकी एलपीजी आईडी राशन कार्ड से सीड हो चुकी है.
जो उज्ज्वला और मुख्यमंत्री गैस सिलेंडर योजना के तहत सिलेंडर रिफिल करवा रहे हैं और उन्हें रिफिल के समय सब्सिडी का लाभ मिल रहा है. चूंकि इन योजनाओं के तहत हर माह करोड़ों रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है. ऐसे में यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि राशि सही व्यक्ति तक ही पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता या गलत हस्तांतरण न हो.
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आंकडों के अनुसार उज्ज्वला योजना और मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत प्रतिमाह औसत 29 से 30 लाख परिवार प्रतिमाह रिफिल करवा रहे हैं. जिन्हें राज्य सरकार की ओर से 68 से 70 करोड़ की सब्सिडी दी जा रही है.
योजना के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राज्य सरकार द्वारा 106 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है और शेष एनएफएसए लाभार्थियों को लगभग 406 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. साथ ही वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही सब्सिडी का लाभ सुनिश्चित होगा.
बहरहाल, सरकार से मंशा है कि हर पात्र परिवार तक सब्सिडी सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचे. ओटीपी सिस्टम से अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगेगी. नए नियम से अब सब्सिडी का हर रुपया सही हाथों में पहुंचेगा और सरकार की मंशा साफ है. रसोई तक पहुंचने वाली राहत अब सिर्फ उसी परिवार की होगी, जिसके लिए यह योजना बनी है.
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