&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने 20 साल बाद राजस्व अदालतों में सरकार की पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं. नई दरें 1 सितंबर से लागू होंगी.
इस फैसले से प्रदेश के रेवेन्यू बोर्ड, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, एडीएम और राजस्व अपीलीय प्राधिकारी की अदालतों में पैरवी करने वाले सैकड़ों सरकारी वकीलों को सीधा फायदा मिलेगा. अब मुकदमे के कागज तैयार करने, ड्राफ्टिंग, सत्यापन और अन्य खर्चों के लिए भी पहले से ज्यादा भुगतान होगा.
राजस्व अदालतों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों का 20 साल बाद रिटेनरशिप फीस बढ़ाने का फैसला लिया है. अब कागज तैयार करने से लेकर कोर्ट में बहस तक का खर्च वकीलों को ज्यादा मिलेगा. दो दशक तक बिना बढ़ोतरी के रेवेन्यू कोर्ट में पैरवी करने वाले इन सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप फीस बढ़ा दी गई है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद राजस्व विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है. बढ़ी हुई फीस 1 सितंबर से लागू होगी. ये बदलाव सिर्फ वकीलों की जेब भारी करने का फैसला नहीं है. बल्कि राज्य की राजस्व न्याय प्रणाली को तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. 1 सितंबर से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था में अब स्टेट एडवोकेट, एडिशनल स्टेट एडवोकेट, डिप्टी स्टेट एडवोकेट समेत सभी स्तर के सरकारी वकीलों को ज्यादा रिटेनरशिप फीस मिलेगी.
1-रेवेन्यू बोर्ड अजमेर में स्टेट एडवोकेट को हर महीने 11,250 रुपए
2-एडिशनल स्टेट एडवोकेट को 10,200 रुपए
3-डिप्टी स्टेट एडवोकेट को 9,000 रुपए मिलेंगे
4-संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त संभागीय आयुक्त कोर्ट: 6,000 रुपये फीस
5-कलेक्टर व एडीएम कोर्ट (जयपुर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर, पाली) 6,000 फीस
6-कलेक्टर व एडीएम कोर्ट (बूंदी, झालावाड़, टोंक, जालोर, सिरोही, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, बारां, राजसमंद): 4,500 रुपये फीस
7-कलेक्टर व एडीएम कोर्ट (बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, धौलपुर, जैसलमेर, हनुमानगढ़, करौली): 3,000 फीस
8-राजस्व अपीलीय प्राधिकारी व कैम्प कोर्ट: 3,000 रुपये फीस
9-राज्य सरकार ने 3,000 रुपए श्रेणी में आने वाले जिलों को छोड़कर अन्य जिलों में कलेक्टर और एडीएम कोर्ट में पैरवी पर 4,500 रुपए प्रतिमाह फीस तय की है.
मुकदमे के कागज तैयार करने और अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी.
टाइपिंग: प्रति पेज 25 रुपए
फोटोकॉपी: प्रति पेज 2 रुपए
जवाबदावा/ड्राफ्टिंग-सेटलिंग: 700 रुपए
अधिवक्ता कल्याण कोष: 200 रुपए
स्टेशनरी और फाइल: 60 रुपए
सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन: प्रति प्रमाणपत्र 100 रुपए
अन्य खर्च: 200 रुपए
बहरहाल,राजस्थान में करीब दो दशक बाद सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप फीस को रिवाइज किया गया है. राजस्व अदालतों में हर साल हजारों प्रकरण लंबित रहते हैं. कई बार अपर्याप्त फीस और संसाधनों की कमी के चलते वकील इन मामलों में गंभीरता से पैरवी नहीं कर पाते थे. नई दरों से उम्मीद है कि सरकारी वकील अब और अधिक सक्रिय होकर राज्य के राजस्व विवादों के समय पर निपटारे में योगदान देंगे.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Latest Rajasthan News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!