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Rajasthan Street Dogs: राजस्थान में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर स्वायत्त शासन विभाग (UDH) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 13 सूत्री गाइडलाइन जारी की है. इस गाइडलाइन के तहत 6 महीने से कम उम्र के कुत्तों और पिल्लों वाली मादा श्वानों को पकड़कर नसबंदी नहीं की जाएगी. प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को अगले 30 दिनों में इन दिशा-निर्देशों को लागू करने के सख्त आदेश दिए गए हैं.
गाइडलाइन की पालना में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.UDH के शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि यह कदम मानव सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. गाइडलाइन में नसबंदी क्षमता बढ़ाने, आवारा कुत्तों के प्रबंधन में वार्ड स्तर पर सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने और कुत्तों के प्रति क्रूरता रोकने पर जोर दिया गया है.
जैन ने कहा कि नगरीय निकायों को इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. यह गाइडलाइन हाल के दिनों में आवारा कुत्तों के साथ क्रूरता की घटनाओं के मद्देनजर और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. विशेष रूप से, भीलवाड़ा में कुत्तों के प्रति अमानवीय व्यवहार के लिए छह कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, जिसने इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा को जन्म दिया.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप यह गाइडलाइन न केवल कुत्तों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देगी, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी. नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर आवारा कुत्तों की देखभाल और उनके व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं.
साथ ही, नसबंदी कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के लिए संसाधनों का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है. इस पहल से राजस्थान में आवारा कुत्तों की समस्या को मानवीय और व्यवस्थित तरीके से हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है.
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