Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर के डॉक्टर ने बिना सर्जरी के अभिनेता प्रेम चोपड़ा का दिल की वाल्व बदला और उनको एक नई जिदंगी दी. यह उपचार जयपुर के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने किया.
Trending Photos
&w=752&h=564&format=webp&quality=medium)
Rajasthan News: हिंदी फिल्मों के जाने-माने वरिष्ठ अभिनेता प्रेम चोपड़ा का दिल की वाल्व बदलने का टावी उपचार मुंबई के एक अस्पताल में सफल रहा. यह उपचार जयपुर के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने किया. डॉ. रवीन्द्र राव देश में दिल की वाल्व से जुड़ी बीमारियों के ऐसे विशेषज्ञ माने जाते हैं, जिन्होंने कई जटिल मामलों में टावी का सफल उपचार किया है.
)
उम्र बढ़ने पर एओर्टिक वाल्व की सिकुड़न से ग्रसित थे प्रेम चोपड़ा
डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने बताया कि प्रेम चोपड़ा को उम्र बढ़ने के कारण हार्ट के वॉल्व में सिकुड़न की समस्या थी, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी और कमजोरी बढ़ रही थी. उम्र अधिक होने के कारण उनकी ओपन सर्जरी संभव नहीं थी इसलिए नॉन सर्जिकल तकनीक द्वारा उनके हार्ट के एओर्टिक वॉल्व को बदला गया. प्रोसीजर के बाद उनकी हालत ठीक बताई गई है.
प्रेम चोपड़ा के दामाद और अभिनेता शर्मन जोशी ने बताया कि हमारी ओर से, पूरे परिवार की तरफ से मैं दिल से धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहता हूं. मेरे ससुर प्रेम चोपड़ा को जो बेहतरीन उपचार मिला, उसके लिये दिल से शुक्रिया. यह हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन गोकले और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रविन्द्र सिंह राव के कारण संभव हो पाया. उन्हें गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस की समस्या थी. डॉ. रवीन्द्र राव ने बिना ओपन हार्ट सर्जरी किए सफलतापूर्वक टावी प्रक्रिया की और नया वाल्व लगा दिया. आज पिता जी घर पर हैं और पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं. हम हमेशा डॉक्टरों के इस अद्भुत सहयोग और देखभाल के लिए आभारी रहेंगे.
बिना सर्जरी के वॉल्व रिप्लेसमेंट का असरकारी इलाज है टावी
टावी एक आधुनिक तरीका है, जिसमें बिना सीना चीरें नई वाल्व लगाई जाती है. इसमें शरीर के किसी हिस्से से पतली नली अंदर ले जाकर खराब वाल्व की जगह नई वाल्व लगा दी जाती है यानी बड़ा चीरा, ज्यादा दर्द या लंबी बेहोशी की जरूरत नहीं होती.
अधिक उम्र में सामान्य दिल की सर्जरी का खतरा बढ़ जाता है इसलिए टावी अधिक सुरक्षित माना जाता है. इस उपचार से जल्दी आराम मिलता है, अस्पताल में कम दिन रहना पड़ता है, सांस फूलने और थकान में जल्दी सुधार होता है और मरीज जल्दी अपने कामकाज पर लौट सकता है.
डॉ. रवीन्द्र सिंह राव का कहना है कि देश में बढ़ती उम्र के लोगों में दिल की वाल्व खराब होने की समस्या बढ़ रही है. ऐसे में समय रहते जांच और उचित उपचार, खासकर टावी जैसा तरीका, जीवन बचाने में बहुत मदद करता है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!