Rajasthan Politics: मदन राठौड़ का गोविंद डोटासरा के बयान पर पलटवार, बोले- राम मंदिर पर आपत्ति है तो पूर्वजों को याद कर लें

Rajasthan Politics: राजस्थान में गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस और बीजेपी में संविधान की पैरोकारिता को लेकर फिर बहस हुई. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी पर सवाल उठाए, तो मदन राठौड़ ने पलटवार किया.

Rajasthan Politics: मदन राठौड़ का गोविंद डोटासरा के बयान पर पलटवार, बोले- राम मंदिर पर आपत्ति है तो पूर्वजों को याद कर लें

Rajasthan Politics: राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) के बयान पलटवार किया है. डोटासरा ने राठौड़ को बिना काम का अध्यक्ष बताते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) के बयान पर सवाल उठाया था. इस पर मदन राठौड़ ने कहा कि संविधान (Constitution) में बोलने की मौलिक आजादी है, कोई भी कुछ भी बोल सकता है. 

गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस और बीजेपी में संविधान की पैरोकारिता को लेकर फिर बहस हुई. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने बीजेपी पर सवाल उठाए, तो मदन राठौड़ ने पलटवार किया. डोटासरा के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रमों में मोदी का दुपट्टा पहनने को लेकर टिप्पणी की, तो मदन राठौड़ ने भी जवाब दिया. 

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मदन राठौड़ ने कहा कि देश में आजादी है, मौलिक अधिकार है. मौलिक अधिकारों में बोलने की आजादी है. कोई भी कुछ भी बोल सकता है. ठीक है देश के प्रधानमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता है, पूरे देश का होता है. देश के आम नागरिक को प्रधानमंत्री का सम्मान करना चाहिए. 

मुख्यमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता, बन जाने के बाद प्रदेश का मुख्यमंत्री होता है. उसका सम्मान करना, इज्जत करना, उसका चित्र लगाना हम सब का कर्तव्य है. इसमें किसी को आपत्ति होती है, तो अपने आप में सुधार करने की जरूरत है. जैसे चुनाव आए, तो राजनीति करो, बाकी सरकार के साथ मिलकर विकास करें. यह परम आवश्यक है तभी देश का विकास होगा.

गोविंद सिंह डोटासरा ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर बनने पर असली आजादी के बयान को लेकर सवाल उठाया कि राठौड़ इससे सहमत हैं, तो बड़ी अफसोस की बात है. इस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठोड़ ने जवाब दिया कि भगवान राम हमारे स्वाभिमान के प्रतीक हैं. 

राम मंदिर का निर्माण तब तक नहीं हुआ, गुलामी का अहसास किया जा रहा था. लोग कहते थे कि आपके आराध्य के मंदिर को तोड़कर मस्जिद बना दी गई. एक तरह से गुलामी का प्रतीक लगता था. देश में हतोत्साहित करने का वातावरण बना दिया गया था. खैर राम मंदिर बनने से किसको आपत्ति है. 

यदि डोटासरा को आपत्ति है, तो अपने संस्कारों को याद करना चाहिए. पूर्वजों को स्मरण करना चाहिए. उनके पूर्वजों ने भी कभी राम मंदिर का स्मरण किया है. इससे पहले मदन राठौड़ ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित सभी नेता आज गणतंत्र दिवस पर देश की आम जनता के उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना करते हैं. 

हम सब चाहते हैं कि जिस प्रकार हमारे संविधान में व्यवस्थाएं दी गई आम आदमी उसी प्रकार से व्यवहार करें, आचरण करें, दैनिक जीवन में अपने कर्तव्यों का अधिकारों का उपयोग करें और विकास में सब अपने भागीदारी निभाएं. 

हम सब इस संविधान का सम्मान करें, आम नागरिक को संविधान के प्रति जागरूक करें. इस दौरान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संविधान में कर्तव्यों और अधिकारियों के अनुसार आचरण करें. देश और प्रदेश के विकास के लिए सब मिलकर कार्य करें.

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