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Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने खान विभाग की विभागीय बकाया एवं ब्याज माफी योजना जारी कर दी है. अप्रधान खानधारकों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ी राहत दी है. यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी.
खान विभाग ने अप्रधान खानधारकों, क्वारी लाइसेंस धारकों, आरसीसी-ईआरसीसी ठेका धारकों, एसटीपी व निर्माण विभाग के बकायादारों को बड़ी राहत दी है. प्रदेश में विभागीय बकाया एवं ब्याज माफी योजना लागू कर दी गई है. इससे मूलधन में स्लेब अनुसार व ब्याज में शत-प्रतिशत की छूट दी जाएगी.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अप्रधान खान लीज धारकों व माइंस एसोसिएशनों के पदाधिकारियों द्वारा बकाया राशि की माफी योजना लागू करने की लगातार मांग की जाती रही है. मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री भजनलाल शर्मा ने खान धारकों द्वारा की जा रही मांग देखते हुए बड़ी राहत दी है.
राज्य सरकार ने बजट घोषणा-2025 में खान विभाग की बकाया एवं ब्याज माफी योजना के क्रियान्वयन में योजना जारी कर दी है. यह योजना 31 मार्च 24 तक के बकाया मूलधन व ब्याज पर लागू होगी. योजना 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी. प्रमुख सचिव टी. रविकांत ने बताया कि योजना को व्यावहारिक बनाने के साथ ही इसका दायरा भी बढ़ाया गया है.
अप्रधान खनिज की प्रभावी, खण्डित, अध्यर्पित, अवधि समाप्त खनिज रियायतों को छूट. खनन पटटा, क्वारी लाईसेंस, ईंट मिटटी परमिट, बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्य अनुमति में छूट मिलेगी. 31 मार्च 2024 तक के बकाया जुर्माने में 20 प्रतिशत मूल राशि जमा करनी होगी. शेष बकाया राशि एवं सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जाएगी.
डीएमएफटी की 31 मार्च 2024 तक की मूल जमा करने र ब्याज माफ होगी. खण्डित एवं अवधि समाप्त खनन पट्टों, क्वारी लाइसेंस, बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति में छूट. एसटीपी व ईंट भट्टा परमिटों की बकाया के प्रकरणों में 31 मार्च 1990 तक के बकाया की 5 प्रतिशत मूल राशि जमा कराने.
1 अप्रैल 1990 से 31 मार्च 2000 तक के बकाया की 15 प्रतिशत जमा कराने, 1 अप्रैल, 2000 से 31 मार्च, 2010 तक के बकाया की 35 प्रतिशत. 1 अप्रैल, 2010 से 31 मार्च, 2020 तक के बकाया कि 45 प्रतिशत और 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च, 2024 तक की 60 प्रतिशत जमा कराने पर छूट मिलेगी.
शेष मूल राशि और समस्त ब्याज राशि की छूट मिल सकेगी. आरसीसी-ईआरसीसी ठेकों के 31 मार्च 2010 तक के बकाया में छूट मिलेगी. खंडित ठेकों में 30 प्रतिशत मूल बकाया और पूर्ण ठेका अवधि पूरी करने वाले ठेकों में 40 प्रतिशत मूल बकाया जमा करने पर छूट.
शेष मूल बकाया और समस्त ब्याज राशि की छूट मिल सकेगी. 1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2024 तक के खंडित ठेकों में 40 प्रतिशत और पूर्ण अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 50 प्रतिशत बकाया जमा करने पर छूट मिलेगी.
रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से खनिज के बिना रवन्ना, रवन्नाओं का किसी भी तरह से दुरुपयोग कर निर्गमन करने के 31 मार्च 2021 तक के मामलों में 10 प्रतिशत और एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2024 तक बकाया मूल राशि की 15 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष मूल राशि और समस्त बकाया ब्याज की छूट दी गई है.
स्वीकृत क्षेत्र के बाहर किये गये अवैध खनन अथवा ईंट मिट्टी परमिट धारक द्वारा परमिट अवधि समाप्ति के बाद किए अवैध खनन के प्रकरणों में भी राहत दी गई है. 31 मार्च 2021 तक के बकाया की 15 प्रतिशत और एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2024 तक की बकाया.
25 प्रतिशत मूल राशि जमा कराने पर शेष मूल राशि और समस्त ब्याज राशि की छट दी गई है. खान प्रमुख सचिव ने बताया कि आरएसएमईटी, एनजीटी, सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित की गई शास्ति राशि या अन्य राशि पर ये योजना लागू नहीं होगी.
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