एमनेस्टी योजना में खनन विभाग ने की 44 करोड़ की वसूली, 2052 प्रकरण किए निस्तारित

Jaipur: सुबोध अग्रवाल ने बताया कि यह पहला मौका है जब विभागीय एमनेस्टी योजना में वसूली व माफी राशि मिलाकर 144 करोड़ 16 लाख 2 हजार रुपए के 2052 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है.

एमनेस्टी योजना में खनन विभाग ने की 44 करोड़ की वसूली, 2052 प्रकरण किए निस्तारित
एमनेस्टी योजना में खनन विभाग ने की 44 करोड़ की वसूली. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: खनिज विभाग की एमनेस्टी योजना में 30 मार्च तक 2052 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए रिकॉर्ड 44 करोड़ 5 लाख रुपए से अधिक की राशि वसूल की गई है. विभागीय बकाया व ब्याजमाफी की समय-समय पर लागू योजनाओं में यह अब तक की सर्वाधिक वसूली है.

एमनेस्टी योजना में राज्य सरकार ने खनन पटृटाधारकों, ठेकाधारकों, सीमित अवधि के परमिटधारकों, रायल्टी बकायाधारकों, निर्माण ठेकेदारों व योजना के विभिन्न प्रावधानों के अनुसार राहत प्राप्त कर्ताओं से 44 करोड़ की वसूली के साथ ही करीब 100 करोड़ रुपए की बड़ी राहत दी है.

माइंस व पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि एमनेस्टी योजना 24 सितंबर से 31 मार्च तक लागू की गई. योजना के योजनावद्ध क्रियान्वयन से वसूली व योजना प्रावधानों के अनुसार माफी से कुल 144 करोड़ 16 लाख रुपए से अधिक के बकाया प्रकरणों का निस्तारण हो सका है.

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उन्होंने बताया कि नियमित मॉनिटरिंग और मोटिवेशन का ही परिणाम है कि पहली बार इतने अधिक प्रकरणों का निस्तारण व राशि जमा हुई है. इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों व कार्मिकों की सराहना की. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डा. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि यह पहला मौका है जब विभागीय एमनेस्टी योजना में वसूली व माफी राशि मिलाकर 144 करोड़ 16 लाख 2 हजार रुपए के 2052 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है.

अग्रवाल ने कहा कि योजनावद्व व प्रयासों का ही परिणाम है कि आशा से अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त हुए है. जयपुर संभाग में 671 प्रकरणों में 13 करोड़ 17 लाख 87 हजार रुपए, कोटा संभाग में 396 प्रकरणों में 6 करोड़ 10 लाख 94 हजार रुपए, जोधपुर संभाग में 623 प्रकरणों में 17 करोड़ 2 लाख रुपए और उदयपुर संभाग में 362 प्रकरणों में 7 करोड़ 49 लाख 82 हजार रुपए जमा हुए हैं.

उन्होंने बताया कि सर्वाधिक 8 करोड़ 97 लाख रु. खनि अभियंता जोधपुर कार्यालय में जमा हुए हैं. AME सेवर में 5 करोड़ 18 लाख, एमई कोटपूतली में 4 करोड़ 1 लाख अलवर, जालौर, रिषभदेव, राजसमंद प्रथम आदि में एक करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई है. कोटपूतली, अलवर, नागौर, गोटन, भरतपुर, रुपवास, बूंदी प्रथम, झालावाड़, आमेट व निम्बाहेडा कार्यालयों ने लक्ष्यों से शत प्रतिशत से भी अधिक की वसूली की है.

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एसीएस माइंस डा. अग्रवाल ने बताया कि इससे पहले चलाई गई योजनाओं में 1999-20 में 647 प्रकरणों का निस्तारण कर 62 लाख 78 हजार की वसूली और 82 लाख 43 हजार की राहत दी गई थी. 2007-08 में चलाई गई राहत योजना में 194 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 32 लाख 37 हजार की वसूली और 104 लाख 90 हजार की राहत दी गई. 2009 में 150 प्रकरणों का निस्तारण और 88 लाख 16 हजार की वसूली और 410 लाख 65 हजार की राहत, 2010 में 733 प्रकरणों का निस्तारण और 126 लाख 83 हजार  की वसूली और 386 लाख 45 हजार की राहत दी गई.

अग्रवाल ने कहा कि 2015 में लागू एमनेस्टी योजना में 2313 प्रकरणों का निस्तारण कर 916 लाख 29 हजार की वसूली और 4356 लाख 83 हजार  की राहत व 2018 की बकाया व ब्याजमाफी योजना में 581 प्रकरणों का निस्तारण कर 487 लाख 71 हजार की वसूली और 2074 लाख 69 हजार की राहत दी गई. उन्होंने बताया कि सर्वाधिक वसूली 31 मार्च 21 तक लागू एमनेस्टी योजना में हुई है.