World Lungs Cancer Day: धूम्रपान नहीं फिर भी फेफड़ों का कैंसर, हर दूसरा मरीज नॉन-स्मोकर - पढ़ें चौंकाने वाले तथ्य

Rajasthan News: भारत में लंग कैंसर अब सिर्फ स्मोकर्स की बीमारी नहीं रही. 2022 में 1.03 लाख केस सामने आए, जिनमें 50% मरीज कभी सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया. दिल्ली-NCR जैसे शहरों में जहरीली हवा, पैसिव स्मोकिंग और इंडस्ट्रियल धुएं से ‘साइलेंट किलर’ का कहर बढ़ रहा है.

World Lungs Cancer Day: धूम्रपान नहीं फिर भी फेफड़ों का कैंसर, हर दूसरा मरीज नॉन-स्मोकर - पढ़ें चौंकाने वाले तथ्य
Image Credit: World Lungs Cancer Day Jaipur News

Jaipur News: आज 1 अगस्त को विश्व लंग कैंसर दिवस पर भारत में तेजी से बढ़ रहे लंग कैंसर के मामलों पर चिंता गहराई है. चौंकाने वाली बात यह है कि देश में हर दो में से एक मरीज ऐसा है, जिसने कभी धूम्रपान नहीं किया, फिर भी उसे फेफड़ों का कैंसर हो गया. विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे प्रमुख वजह प्रदूषित हवा, इंडस्ट्रियल स्मॉग और पैसिव स्मोकिंग है.

हर साल 1.03 लाख नए केस
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में देश में फेफड़ों के कैंसर के 1.03 लाख नए मामले दर्ज किए गए. यह देश में होने वाले कुल कैंसर मामलों का लगभग 6% है. पुरुषों में यह कैंसर सबसे ज्यादा पाया जाता है, लेकिन अब महिलाएं और नॉन-स्मोकर्स भी इसकी चपेट में आ रहे हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

डॉ. अजीत सिंह की चेतावनी
सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अजीत सिंह के अनुसार, “दिल्ली-NCR जैसे औद्योगिक शहरों में लंग कैंसर के मामले सबसे ज्यादा हैं. यहां की जहरीली हवा और लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण, बीमारी की बड़ी वजह बन चुका है.” उन्होंने यह भी कहा कि पैसिव स्मोकिंग – यानी दूसरों के धुएं के संपर्क में आना – अब उतना ही घातक है, जितना खुद धूम्रपान करना.

शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों का मानना है कि लंग कैंसर की सबसे खतरनाक बात इसकी चुपचाप बढ़ती मौजूदगी है. शुरुआती स्टेज में बीमारी के लक्षण मामूली लगते हैं और अक्सर अनदेखी हो जाती है.

लक्षण जिन पर तुरंत ध्यान दें:
1. लगातार खांसी रहना
2. खांसी में खून आना
3. सीने में दर्द या जकड़न
4. सांस फूलना
5. आवाज में बदलाव या थकान

जागरूकता ही बचाव है
विशेषज्ञों का कहना है कि लंग कैंसर अब सिर्फ स्मोकिंग करने वालों की बीमारी नहीं रही. आज के पर्यावरणीय हालात में यह खतरा हर व्यक्ति पर मंडरा रहा है. वर्ल्ड लंग कैंसर डे का मकसद यही है कि लोग सतर्क रहें, प्रदूषण कम करने में भागीदारी निभाएं और फेफड़ों की सेहत को प्राथमिकता दें. लंग कैंसर अब बदलते दौर की एक नई चुनौती है. इससे लड़ाई सिर्फ इलाज से नहीं, जागरूकता और जिम्मेदारी से जीती जा सकती है. साफ हवा, सुरक्षित फेफड़े, यही भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author