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Rajasthan Politics News: MLA फंड से स्पोर्ट्स किट के 3 करोड के घोटाले के मामले में बलजीत यादव को विशेष अदालत ने पेशी हुई, जहां सुबह से शाम 5 घंटे तक लंबी सुनवाई हुई. सुबह करीब 12.30 बजे से शुरू हुई सुनवाई में ईडी और पूर्व विधायक के वकीलों ने अपनी अपनी दलीलें दी. दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई. लंच हुआ, इसके बाद भी बहस जारी रहीं. शाम 5 बजे बाद जज खगेंद्र कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने बलजीत यादव को 3 दिन के रिमांड पर भेजा अब अगली पेशी 7 फरवरी को होगी. स्पोर्ट्स किट घोटाले में फंसे बलजीत यादव ने कहा कि मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. उन्होंने बहरोड पर विधायक जसवंत यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने मंदबुद्धि बेटे को विधायक बनाना चाहते है और खुद स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहे है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है. हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद मिले गिरफ्तार किया गया.
तीन बार समन, लेकिन नहीं पहुंचे ईडी दफ्तर
ED की ओर से वकील अपेक्षा तिवारी ने बताया आरोपी को 2025 में भी तीन बार समन दिए गए थे. लेकिन उन्होंने इन्वेस्टिगेशन के दौरान कॉपरेट नहीं किया. इसलिए ईडी ने उन्हें अरेस्ट किया है. ईडी ने आज उनकी रिमांड के लिए एक एप्लीकेशन दी थी, जिसमें 6 दिन की रिमांड मांगी थी. इस पर कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड दी है. उनका कहना था कि आरटीपीपी नियमों के तहत टैंडर नहीं में गड़बड़ी हुई. कई फर्मों बनाकर विधायक कोष से स्पोर्ट्स किट खरीदने के लिए फायदा उठाया. फर्मों में मिलीभगत को लेकर ईडी की जांच जारी है. ईडी की जांच में सामने आया है कि फर्म के जरिए बलजीत यादव के रिश्तेदारों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए. ईडी ने जांच के दौरान नकद और संपत्ति के कागजात बरामद किए थे.
गिरफ्तारी को अवैध बताया
बलजीत यादव के वकील एडवोकेट भानु प्रकाश शर्मा ने कहा कि कोर्ट में गिरफ्तारी को अवैध बताया. कोर्ट में जम्मू कश्मीर के केस का उदाहरण देकर दलील दी गई. बलजीत यादव की ओर से तर्क दिया गया कि जब भी इनका समन के द्वारा बुलाया गया कोर्ट के समक्ष पेश हुए और हर बार कॉर्पोरेट करने को तैयार रहे फिर भी जानबूझकर कार्यवाही की. जिस फर्म के पास पैसे आने की बात कही जा रही है. उस व्यक्ति से बलजीत यादव का संपत्ति विवाद पहले से है. टेंडर अखबार में प्रकाशित करवाए गए थे. प्रक्रिया के मुताबिक पंचायत समिति की ओर से टेंडर प्रकाशित करवाए गए, उसमें बलजीत का कोई लेना-देना नहीं है. बलजीत यादव के खाते में सीधे पैसे नहीं आए. बलजीत यादव की ओर से कोर्ट में एक एप्लीकेशन भी लगाई गई थी, जिसमें घर से खाने की डिमांड की गई थी. इस पर कोर्ट ने उनके स्वास्थ्य अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की बात कही है.
वहीं, विधानसभा के बाहर बालकनाथ ने बलजीत यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए यादव भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद घोषणा करते थे कि भ्रष्टाचारियों को पकड़ने पर 51 हजार रुपये का इनाम मिलेगा, लेकिन अब खुद इस घोटाले में जेल जा रहे हैं. बालकनाथ ने सुझाव दिया कि बलजीत यादव को धर्म खाते या किसी गौशाला में दान देना चाहिए, ताकि उनके पाप का कुछ प्रायश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि इस जन्म में तो नहीं, लेकिन अगले जन्म में शायद उनके पाप कुछ कम हों.
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