डमी कैंडिडेट्स से दिलाई परीक्षा, खुद बन गया अध्यापक! अब हुआ बेनकाब

Rajasthan News: एसओजी ने 5 हजार के ईनामी और फर्जी चयनित वरिष्ठ अध्यापक अरुण कुमार मीणा को गिरफ्तार किया. आरोपी ने 2022 की द्वितीय श्रेणी परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल की थी. अब पुलिस उससे पूछताछ कर नेटवर्क की जांच कर रही है.

डमी कैंडिडेट्स से दिलाई परीक्षा, खुद बन गया अध्यापक! अब हुआ बेनकाब
Image Credit: jaipur sog arun kumar meenaSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Jaipur News: राजस्थान में शिक्षकों की भर्ती से जुड़े फर्जीवाड़े पर एसओजी ने बड़ी कार्रवाई की है. लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी और फर्जी चयनित वरिष्ठ अध्यापक अरुण कुमार मीणा को आखिरकार एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पर 5 हजार रुपए का ईनाम घोषित था.

टोंक जिले का रहने वाला है आरोपी
जानकारी के अनुसार, टोंक जिले के रहने वाले 26 वर्षीय अरुण मीणा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक, द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा 2022 में खुद परीक्षा नहीं दी थी. उसने विज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 और सामान्य ज्ञान व शैक्षणिक मनोविज्ञान की परीक्षा 29 जनवरी 2023 को देनी थी, लेकिन इन दोनों परीक्षाओं में उसकी जगह डमी अभ्यर्थियों को बैठाया गया.

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जांच में फर्जीवाड़ा आया सामने
जांच के दौरान यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद आरोपी पर मुकदमा दर्ज किया गया और एसओजी ने उस पर इनाम भी घोषित कर दिया. तभी से अरुण मीणा फरार चल रहा था. कई महीनों की तलाश के बाद आखिरकार एसओजी को सफलता हाथ लगी और आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है.

डमी कैंडिडेट्स की मदद से पास की परीक्षा
एडीजी एटीएस-एसओजी वीके सिंह ने बताया कि आरोपी अरुण मीणा ने डमी कैंडिडेट्स की मदद से परीक्षा पास कर शिक्षक की नौकरी हासिल की थी. अब आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल था. पुलिस उन डमी परीक्षार्थियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

जालसाजी का मुकदमा हुआ दर्ज
आरोपी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और परीक्षा अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे संगठित गिरोह इस तरह से भर्ती परीक्षाओं को निशाना बना लेते हैं. फिलहाल एसओजी की गिरफ्त में आए अरुण मीणा से कई और राज खुलने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों तक पुलिस की पहुंच हो सकेगी. यह गिरफ्तारी न सिर्फ एक फर्जी अध्यापक के सपनों का अंत है, बल्कि उन हजारों मेहनती अभ्यर्थियों के लिए भी राहत है, जो ईमानदारी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं.

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