&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jaipur News: राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ' प्रचारक बनाम विचारक ' को लेकर सियासी बहस शुरू हो गई है. कांग्रेस सेवादल ने प्रशिक्षण शिविरों को लेकर कहा कि उनमें प्रचारक नहीं विचारक तैयार किए जाएंगे, प्रचारक तो स्वार्थी होते हैं. वहीं बीजेपी ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वो क्या जाने प्रचारक क्या होते हैं, प्रचारक मतलब राष्ट्र कार्य के लिए समर्पित होना. कांग्रेस और बीजेपी नेताओं की इस बयानबाजी ने सियासत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
नेताओं के बीच होती रहती है बहस
प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी अक्सर होती रहती है. कई बार इस बयानबाजी से राजस्थान की सियासत में उबाल तक आ जाता है. कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस बार प्रचारक बना विचारक को लेकर मुद्दा गरमाया है. कांग्रेस नेता अक्सर संघ को लेकर अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं, वहीं बीजेपी नेता बचाव में पलटवार करते रहते हैं. कांग्रेस-बीजेपी के इस वार पलटवार में प्रदेश की राजनीति गरमा जाती है. कांग्रेस के अग्रिम संगठन कांग्रेस सेवादल ने अपने प्रशिक्षण शिविर शुरू करने से पहले अपने कार्यकर्ताओं की तुलना आरएसएस के प्रचारकों से कर नई बहस को जन्म दिया है.
कांग्रेस सेवादल का प्रशिक्षण शिविर हुआ शुरू
कांग्रेस सेवादल के प्रशिक्षण शिविर का सोमवार 11 अगस्त से आगाज हुआ है. दो महीने तक प्रदेश के सभी 50 जिलों में ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग कैम्प चलाए जाएंगे. सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष हेमसिंह शेखावत का कहना है कि इन ट्रेनिंग कैम्प में कांग्रेस के श्वेत आर्मी सैनिक तैयार किए जाएंगे, जो गांव गांव गली गली तक कांग्रेस और राहुल गांधी के विचार को लेकर जनता से संवाद करेंगे. इतना ही नहीं शेखावत ने कहा कि हम विचारक तैयार करेंगे प्रचारक आएसएस तैयार करता है. विचारक जनता से संवाद करेंगे कि किस प्रकार से देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में है. महात्मा गांधी ने 1923 में श्वेत सैनिकों को दी थी कि राष्ट्र ध्वज और तिरंगी सोच को सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदारी दी थी, उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे.
एक रंग में करते हैं विश्वास
शेखावत नले कहा कि प्रचारक की स्वार्थी नीति वो एक रंग में विश्वास करते हैं, जबकि भारत तिरंगा से बना है। तिरंगी सोच से भारत बना हुआ है. जिसमें हर धर्म का सम्मान है. जो एक रंग और एक विचार और एक व्यक्ति में विश्वास करते हैं. वो निश्चित रूप से लोकतांत्रिक नहीं हो सकते स्वार्थी ही होंगे. हम ट्रेनिंग कैम्पों में अच्छे प्रशिक्षक तैयार करेंगे जो आने वाले दिनों में श्वैत सैनिकों के रूप में सड़कों पर नजर आएंगे.
पहले भी विस्तारक शब्द लेकर आए थे
गौरतलब है कि सेवा दल को संघ की तर्ज पर खड़ा करने के लिए सेवादल कार्यकर्ताओं के लिए विस्तारक शब्द गढ़ा गया था. बाद में मामला बढ़ा तो अब विस्तारक के बजाय सेवादल विचारक शब्द लेकर आया है. अब कांग्रेस विचार को आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!