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Jaipur News: जयपुर शहर की कच्ची बस्ती के घुमंतु परिवारों को स्थानीय प्रशासन ने करीब 15 किलोमीटर दूर बसा दिया. ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया. जयपुर शहर बीजेपी ने इन परिवारों को रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है. शहर बीजेपी की मदद से घुमंतू बस्ती के करीब 51 परिवारों को खुद का रोजगार चलाने के लिए ठेले और सामग्री दी जाएगी. सामाजिक सरोकार के तहत बीजेपी इन परिवारों की रोजी रोटी की व्यवस्था करने जा रही है.
परिवार वालों के पास नहीं स्थायी रोजगार
राजधानी जयपुर में अलग अलग स्थानों पर झुग्गी झोंपड़ी और कच्ची बस्तियों में रह रहे घुमंतू परिवारों को उठाकर जयसिंहपुरा खोर के बाहर जेडीए क्वाटर्स में बसा दिया. करीब पांच साल पहले चार सौ से पांच सौ परिवारों को जयसिंहपुरा खोर की बेसिक सर्विस फॉर अरबन पुअर (बीएसयूपी) आवासीय योजना में मकान दिए गए. शहर से करीब 15 किलोमीटर दूरी होने से इनमें कई परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया. परिवार के सामने पेट पालने की समस्या होने लगी. हालांकि इनमें कई परिवार अपने पहले से चल रहे कामों में लग गए, तो कुछ भीख मांगने लग गए. इनमें कुछ परिवारों के पास रोजगार का स्थायी साधन नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
आवश्यक दस्तावेज भी नहीं हैं पास
इन परिवारों में कुछ को छोड़कर ज्यादातर के राशनकार्ड, आधार कार्ड या अन्य आवश्यक दस्तावेज भी नहीं बने हुए हैं. जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन्हें नहीं मिल पा रहा है. ये परिवार दर दर की ठोकरें खाने में लगे हैं. हालांकि पिछले कुछ सालों में घुमंतु जाति न्यास ने बस्ती में स्वास्थ्य संस्कार और रोजगार के लिए काम शुरू किया है. न्यास की ओर से दो जनों तूफान और कृष्णा को ऑटो दिलवाए हैं, जिससे परिवार का पेट पाल रहे हैं. इधर न्यास के प्रयासों से ही शहर बीजेपी ने बस्ती में परिवारों के लिए रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने की मुहिम शुरू की है.
क्या बोले भाजपा शहर अध्यक्ष?
बीजेपी शहर अध्यक्ष अमित गोयल का कहना है कि सेवा पखवाड़ा चलने के साथ साथ आत्मनिर्भर अभियान चल रहा है .राजनीति करने के साथ ही बीजेपी सेवा से जुड़े काम करती है. दूसरे राजनीतिक दलों से अलग हटकर बीजेपी सेवा के विषयों को लेकर चलती है. सभी राजनीतिक दलों में सेवा कार्यों को लेकर कॉम्टीशन होना चाहिए ताकि जरूरतमंद लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके. इसके बाद हमारी टोली ने ऐसे लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम करने को ध्यान में रखकर रोजगार साधन उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है. लोगों में संदेश जाए कि इन लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में आगे आएं. पहले हमने 25 परिवारों को चिहि्नत कर राेजगार के संसाधन देने का विचार किया. बाद में इनकी संख्या को बढ़कार 51 कर दिया गया है. इन परिवारों को ठेला के साथ ही सामग्री भी दी जाएगी ताकि वो अच्छा जीवन व्ययतीत कर सके. इससे प्रदेश में सामाजिक समरसता का संदेश भी जाएगा.
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