जयपुर की धरोहर पर बुलडोजर! क्या किताबों तक सिमट जाएगी गुलाबी नगरी की शान? पढ़ें पूरी सच्चाई

Rajasthan News: जयपुर की ऐतिहासिक हवेलियां उपेक्षा और जर्जर हालत के चलते अब खतरे का सबब बन गई हैं. सुभाष चौक हादसे के बाद नगर निगम ने कार्रवाई तेज की और कई इमारतों पर बुलडोजर चला. भावनाओं और सुरक्षा के बीच जंग जारी है, सवाल उठ रहा है कि क्या विरासत किताबों तक सिमट जाएगी?

जयपुर की धरोहर पर बुलडोजर! क्या किताबों तक सिमट जाएगी गुलाबी नगरी की शान? पढ़ें पूरी सच्चाई
Image Credit: jaipur heritage city site bulldozer actionSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Bulldozer Action In Jaipur: गुलाबी नगर की तंग गलियों में खड़ी पुरानी हवेलियां अब केवल इतिहास की गवाही नहीं दे रहीं, बल्कि खतरे की निशानी भी बन गई हैं. जिन हवेलियों को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते थे, आज वही उपेक्षा की मार झेलकर जर्जर हालात में खड़ी हैं. आज घी वालों का रास्ता स्थित मारू जी का चौक और नागोरी चौक इस हकीकत के गवाह बने, जब नगर निगम हैरिटेज प्रशासन का बुलडोजर दो पुरानी हवेलियों पर चला.

हैरिटेज क्षेत्र में सबसे ज्यादा जर्जर मकान
सुभाष चौक के जर्जर मकान ढहने और बाप-बेटी की मौत के बाद हैरिटेज नगर निगम हरकत में आया. महीनों से नोटिसों की खानापूर्ति करने वाला निगम प्रशासन अब मुनादी कर जर्जर इमारतों पर बुलडोजर चला रहा है. सवाल यह है कि क्या इन मौतों के बिना भी निगम प्रशासन जागता? नगर निगम हैरिटेज क्षेत्र के किशनपोल जोन में सबसे ज्यादा जर्जर मकान हैं, लेकिन कार्रवाई चुनिंदा पर हुई. बाकी जगह या तो मालिकों ने कागजों पर मरम्मत दिखा दी या मामले कोर्ट में लंबित हैं. नतीजा यह कि अभी भी खतरा जस का तस खड़ा है. हालांकि अब निगम प्रशासन ने हादसे के बाद फिर से शहर की जर्जर इमारतों की सूची तैयार कराई है. तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने जिन इमारतों को खतरनाक माना है, उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है. किशनपोल जोन क्षेत्र में आज दो जर्जर इमारतों को ध्वस्त करने के साथ एक बिल्डिंग को सीज किया गया.

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जेसीबी की मदद से ध्वस्त किए जा रहे हैं मकान
जौहरी बाजार में मोती सिंह भोमिया के रास्ते स्थित मारू जी का चौक के एक भवन के जर्जर हिस्से और नागोरियों का चौक में तीन मंजिला भवन के जर्जर हिस्से को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया. मारू जी के चौक में कार्रवाई करते वक्त एक और हवेली खतरनाक हालत में पाई गई. निगम ने उसे सील कर वहां रह रहे लोगों को सामुदायिक केंद्र में शिफ्ट कर दिया. भवन मालिक को मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा वहां भी बुलडोजर चल सकता है. वहीं रेडियो मार्केट, नेहरू बाजार में एक अन्य भवन मालिक को भी अस्थाई रूप से सीज किया गया है. मकान मालिक को तुरंत रिपेयर करने के लिए नोटिस दिया गया है. कार्रवाई के दौरान नागोरी चौक की हवेली के मालिकों ने विरोध भी जताया तो साफ दिखा कि यहां भावनाएं और सुरक्षा टकरा रही हैं. एक ओर निगम को हादसों से बचाना है, तो दूसरी ओर शहरवासी अपनी पुरखों की विरासत को मिटते देख रहे हैं. लेकिन आमजन की सुरक्षा को देखते हुए निगम प्रशासन पीछे नहीं हटा.

जोनवार: जर्जर मकान
जोन: जर्जर भवनों की संख्या
हवामहल: 40
किशनपोल: 79
सिविल लाइंस: 24
आदर्श नगर: 35

शहर के सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा
असल में यह सिर्फ जर्जर पत्थर और चूने की इमारतें नहीं थीं, बल्कि पीढ़ियों की स्मृतियां और शहर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा थीं. लेकिन जैसे-जैसे परिवार इन हवेलियों को छोड़कर आधुनिक कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में शिफ्ट हुए, वैसे-वैसे इन हवेलियों की देखरेख छूटती गई. विरासत उपेक्षा की धूल में दब गई और अब सुरक्षा का संकट बनकर सामने है.

देखरेख की कमी से हो गए जर्जर
ये हवेलियां केवल पत्थर और चुने का ढांचा नहीं थीं, बल्कि पीढ़ियों की यादें और कलात्मकता का खजाना भी समेटे थीं. लेकिन परिवारों के पलायन और देखरेख की कमी ने इन्हें जर्जर कर दिया. अब निगम के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर शहरवासियों की सुरक्षा और दूसरी ओर इन धरोहरों को बचाए रखने का सवाल. अब सवाल यही है कि जयपुर की हवेलियां, जो शहर की पहचान और पर्यटकों का आकर्षण रही हैं, क्या धीरे-धीरे सिर्फ इतिहास की किताबों तक सिमटकर रह जाएंगी?

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SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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