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Rajasthan ERCP News: PKC-ERCP में 12 नई सिंचाई परियोजनाएं जुड़ सकती है. इसके साथ ही फंड के रेशों को लेकर भी बहुत जल्द तस्वीर साफ हो सकती है. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि केन बेतवा लिंक परियोजना की तर्ज पर 90:10 के अनुपात में केंद्र से बजट मिले. आखिरकार ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट कैसे प्रदेश के लिए जीवनदायिनी बनेगा.
केंद्र से गुहार, कब लगेगी मुहर
पार्बती कालीसिंध ईस्टन राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट में फंड की तस्वीर बहुत जल्द साफ हो सकती है. राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण सोसायटी और नदियों के आपसी जोड़ के लिए विशेष समिति की मीटिंग में बजट के अनुपात पर राज्य सरकार ने गुहार लगाई. प्रदेश के जल संसाधन मंत्री ने केंद्रीय शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से आग्रह किया कि ईआरसीपी के लिए केंद्र सरकार बजट का अनुपात केन बेतवा लिंक परियोजना की तर्ज पर 90:10 करे, ताकि पश्चिमी राजस्थान में जलसंकट दूर हो. जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का कहना है कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना माना है. अंतरराज्यीय नदी जोड़ो के तहत अभी काम किया जा रहा है.
ई-पीएएमएस पोर्टल पर अपलोड डीपीआर
राजस्थान से संबंधित परियोजना घटकों की परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग के ई-पीएएमएस पोर्टल पर मूल्यांकन के लिए अपलोड कर दी गई है. तकनीकी और लागत मूल्यांकन अंतिम चरण में हैं. इसके बाद परियोजना को पीआईबी और मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा. इन अतिरिक्त कार्यों को डीपीआर में शामिल कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, केन्द्रीय जल आयोग, मध्य प्रदेश सरकार को जानकारी भेजी जा चुकी हैं. बारां, झालावाड़ और कोटा की स्थानीय मांग के अनुसार सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 12 नई सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है. इससे लगभग 70 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
ERCP कैसे बनेगी जीवनदायिनी
पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को लाभ मिलेगा. इस परियोजना से राज्य को कुल 4102.60 एमसीएम जल उपलब्ध हो सकेगा. इसमें से कुल 4 लाख 3 हजार हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा. इनमें 2 लाख 21 हजार हेक्टेयर नवीन सिंचाई क्षेत्र, 1 लाख 52 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का पुनर्स्थापन और 30 हजार हेक्टेयर रिसाईकल वाटर से सिंचाई हो सकेगी.
जापानी कोरियाई औद्योगिक क्षेत्र भी डीपीआर में शामिल हो
दिल्ली-मुम्बई कॉरिडोर के अंतर्गत कोटपूतली-बहरोड़ जिले के जापानी और कोरियाई औद्योगिक क्षेत्र की पेयजल, औद्योगिक जल की दीर्घकालीन मांग को पूरा किया जाएगा. इसके लिए राजगढ़, नीमराना तहसील में लगभग 150 और 13.5 एमसीएम क्षमता वाले अतिरिक्त कृत्रिम जलाशयों के निर्माण कार्य डीपीआर में प्रस्तावित किए गए हैं.
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